नई दिल्ली: बुधवार के सेशन में नुकसान के बाद एक बार फिर शेयर मार्केट गिरावट के स्तर से खुला। भारतीय शेयर में गिरावट तब आई जब वैश्विक रूप से तेजी देखने को मिल रही है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में संभावित मंदी के डर से एशियाई बाजारों में तेजी आई है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 300 अंक टूटकर 59,900 के स्तर से नीचे आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 17,850 अंक से नीचे फिसल गया। बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई थी और निफ्टी 17,900 से नीचे आ गया था।
शेयर बाजार में गिरावट
शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक, आरआईएल, एसबीआई सबसे सक्रिय शेयरों में रहे। अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी ट्विन, एक्सिस बैंक ने 3 फीसदी तक की गिरावट के साथ सूचकांकों पर नुकसान देखने को मिला। टाटा मोटर्स, आईटीसी, एमएंडएम, बजाज ऑटो, बजाज ट्विन ने कुछ लाभ जोड़ा क्योंकि वे लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ गए।
अडानी ग्रुप के शेयर अडानी टोटल गैस में 17 प्रतिशत की गिरावट और अडानी ग्रीन के 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,670 रुपये पर आ गए। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर भी 3 फीसदी टूट गए। कंपनी का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर आज खुलने वाला है।
दूसरी ओर, टाटा मोटर्स ने 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, क्योंकि कंपनी ने लगातार सात तिमाहियों के नुकसान के बाद Q3 FY23 में 3,043 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया है। बजाज ऑटो के शेयर भी तीसरी तिमाही के नतीजों के स्ट्रीट अनुमानों को मात देने के बाद 5 फीसदी चढ़े।
सेक्टर के लिहाज से निफ्टी ऑटो और फार्मा इंडेक्स में बढ़त रही, जबकि निफ्टी एनर्जी इंडेक्स 2.5 फीसदी से ज्यादा फिसल गया, जो टॉप सेक्टोरल लूजर बन गया। निफ्टी बैंक 21 अक्टूबर 2022 के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इंडिया विक्स 11 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया। व्यापक सूचकांकों ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हांगकांग ने अपनी नए साल की रैली जारी रखी जबकि टोक्यो, सिडनी, सियोल, सिंगापुर, वेलिंगटन, मनीला और जकार्ता भी बढ़त पर नजर आए। वॉल स्ट्रीट ने गुरुवार को एक अच्छा सेशन पूरा किया।
