अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित रिटर्न की तलाश में हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है। खासतौर पर सीनियर सिटिजन्स और सुपर सीनियर सिटिजन्स के लिए बैंक अतिरिक्त ब्याज दरों की पेशकश करते हैं, जिससे उनकी बचत पर बेहतर रिटर्न मिल सके। Bank of Baroda भी अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधियों की एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें दे रहा है। लंबे समय तक निवेश नहीं करना चाहते हैं तो बैंक की 3 साल की एफडी स्कीम में पैसा लगा सकते हैं।
सीनियर सिटिजन एफडी स्कीम (Photo: iStock)
3 साल की FD पर कितना ब्याज मिलेगा
सीनियर सिटिजन एफडी स्कीम (Photo: iStock)
Bank of Baroda की 3 साल की एफडी पर सुपर सीनियर सिटिजन को सबसे अधिक 6.85 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वहीं सीनियर सिटिजन के लिए यही ब्याज दर 6.75 प्रतिशत है। दूसरी ओर, सामान्य नागरिकों को इसी अवधि की एफडी पर 6.25 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। उम्र के आधार पर ग्राहकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता है। बैंक सीनियर सिटिजन्स को सामान्य ग्राहकों की तुलना में ज्यादा रिटर्न देता है, जबकि सुपर सीनियर सिटिजन्स को और अधिक फायदा मिलता है।
मैच्योरिटी पर कितनी मिलेगी रकम?
उदाहरण के लिए अगर कोई ग्राहक Bank of Baroda में 3 साल की एफडी करवाता है, तो उसे उसकी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रिटर्न मिलेगा। उपलब्ध ब्याज दरों के आधार पर सामान्य नागरिक को मैच्योरिटी पर लगभग 8,43,138 प्राप्त होंगे, जबकि सीनियर सिटिजन को करीब 8,55,675 रुपये मिलेंगे। वहीं, सुपर सीनियर सिटिजन को सबसे अधिक लाभ मिलेगा और उन्हें मैच्योरिटी पर लगभग 8,58,203 की राशि प्राप्त होगी।
| ग्राहक श्रेणी | निवेश राशि | अवधि | ब्याज दर (प्रतिवर्ष) | मैच्योरिटी राशि (अनुमानित) |
|---|---|---|---|---|
| सामान्य नागरिक | ₹7,00,000 | 3 वर्ष | 6.25% | ₹8,43,138 |
| सीनियर सिटिजन | ₹7,00,000 | 3 वर्ष | 6.75% | ₹8,55,675 |
| सुपर सीनियर सिटिजन | ₹7,00,000 | 3 वर्ष | 6.85% | ₹8,58,203 |
सीनियर सिटिजन के लिए क्यों बेहतर है FD?
रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग ऐसे निवेश विकल्प चाहते हैं, जिनमें जोखिम कम हो और आय निश्चित रहे। एफडी इस आवश्यकता को पूरा करती है। इसमें निवेश की गई राशि बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होती और निवेशक को पहले से पता होता है कि मैच्योरिटी पर कितनी रकम मिलेगी। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज दरें एफडी को और आकर्षक बनाती हैं। नियमित आय की जरूरत रखने वाले लोग एफडी के ब्याज भुगतान विकल्पों का भी चयन कर सकते हैं। हालांकि यह भी ध्यान रखें कि एक लिमिट के बाद एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स लगता है। एफडी करवाने से पहले बैंक से ब्याज दर, अवधि और समय से पहले निकासी के नियमों की जानकारी भी लेना जरूरी है। अलग-अलग अवधियों पर ब्याज दरें बदल सकती हैं, इसलिए निवेश का निर्णय अपनी वित्तीय जरूरतों के अनुसार लेना बेहतर होगा।
