नौकरी में रहते पैसे की किल्लत नहीं होती है क्योंकि हर महीने सैलरी आती है। वहीं, रिटारयमेंट के बाद सैलरी आनी बंद हो जाती है। इसके लिए लोग नौकरी में रहते पेंशन की व्यवस्था शुरू कर देते हैं। वह अपनी बचत के अनुसार निवेश करते हैं। हालांकि, रिटायरमेंट के बाद एक और बड़ी चिंता बीमारियों के इलाज के लिए होती है। हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम बहुत महंगा होने के कारण बहुत सारे लोग लेने से बचते हैं। इस समस्या को देखते हुए पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) एक कॉम्बो प्लान लाने का ऐलान किया है। इस सेविंग स्कीम में निवेशकों को मंथली पेंशन के साथ हेल्थ इंश्योरेंस का कवर भी मिलेगा। आइए जानते हैं कि इस स्कीम के बारे में।
PFRDA ला रहा है पेंशन-हेल्थ कॉम्बो
अगले दो महीने में स्कीम लाने की तैयारी
कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन एस. रमण ने मंगलवार को कहा कि पीएफआरडीए अगले 60-70 दिन में एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना शुरू करेगा। यह योजना स्वास्थ्य बीमा और पेंशन को एक साथ जोड़ने वाला उत्पाद होगी।
यहां पीएफआरडीए के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एनपीएस स्वास्थ्य का उद्देश्य चिकित्सा जरूरतों के लिए एक समर्पित पेंशन खाते की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके साथ एक 'टॉप-अप’ स्वास्थ्य बीमा भी होगा जिसे पेंशन कोष, एनपीएस अंशधारकों की ओर से उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि पेंशन कोष, टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने के लिए बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी करेंगे।
सभी के लिए होगा नया प्लान
रमण ने कहा कि इसे हाल ही में निदेशक मंडल की बैठक में मंजूरी मिली है। हम इसे लगभग 60 से 70 दिन में शुरू कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को पहले सेवा प्रदाता के रूप में जोड़ा गया है और जल्द ही अन्य कंपनियां भी इस योजना से जुड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना एनपीएस के सभी वर्गों के अंशधारकों के लिए उपलब्ध होगी।
योजना के तहत लागू शुल्क और प्रभार बहु-योजना ढांचे (एमएसएफ) के तहत होंगे और इन्हें पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक किया जाएगा। इन शुल्कों में स्वास्थ्य लाभ प्रशासक (एचबीए) को देय शुल्क भी शामिल होगा।
