CAS के नए सिस्टम से घटा F&O कारोबार, BSE-NSE की चिंताओं के बीच SEBI करेगा समीक्षा

पिछले महीने लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की वजह से NSE-BSE पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग का वॉल्यूम कम हो गया है। इसे लेकर दोनों एक्सचेंज ने चिंता जताई है। ऐसे में SEBI इसकी समीक्षा करने जा रहा है।

SEBI CAS BSE-NSE : शेयर बाजार में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन(CAS) लागू होने के करीब एक महीने बाद अब SEBI ने डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट प्राइस तय करने की मेथडोलॉजी की समीक्षा का फैसला किया है। बाजार सहभागियों से मिले फीडबैक के बाद नियामक करीब एक हफ्ते में इस मामले पर कंसल्टेशन पेपर जारी कर सकता है।

SEBI CAS BSE NSE

सेबी करेगा समीक्षा

SEBI ने पिछले महीने 3 अगस्त, 2026 से इक्विटी कैश सेगमेंट में CAS लागू किया था। इसका इस्तेमाल शेयरों का क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए किया जाता है। मौजूदा व्यवस्था के तहत CAS के जरिये तय हुआ क्लोजिंग प्राइस ही एक्सपायरी के दिन डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के सेटलमेंट प्राइस का आधार भी बनता है।

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