SEBI New Rules: कैपिटल मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए सिक्योरिटीज मार्केट में सुरक्षित और बेहतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नया सिस्टम लाने पर विचार कर रहा है। मार्केट रेगुलेटर ने वैलिड फाइनेंशियल इंटरमीडियरीज को धोखेबाजों से बचाने के लिए यह कदम उठाया। प्रस्तावित सिस्टम के तहत, सेबी ने रजिस्टर्ड मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए एक यूनीक यूपीआई एडरेस बनाने का सुझाव दिया है, जिससे निवेशकों के लिए यह सुनिश्चित करना आसान हो जाएगा कि वे केवल रजिस्टर्ड यूनिट्स को ही भुगतान कर रहे हैं।
सेबी की नयी तैयारी
ये भी पढ़ें -
कैपिटल मार्केट ट्रांजेक्शन की लिमिट की गयी दोगुने से अधिक
कैपिटल मार्केट ट्रांजेक्शन के लिए प्रस्तावित यूपीआई भुगतान सीमा पांच लाख रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। ये मौजूदा सीमा के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। मौजूदा सीमा दो लाख रुपये है।
मांगे गए पब्लिक कमेंट्स
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के परामर्श से इसका समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने शुक्रवार को प्रस्तावों पर एक परामर्श पत्र जारी किया और 21 फरवरी तक उनपर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगीं।
इसमें यह भी पूछा गया है कि क्या प्रस्तावित यूपीआई हैंडल अर्थात् @payright उपयुक्त है और क्या यह निवेशकों को आकर्षित करेगा।
व्यक्तिगत लेन-देन का कितना हिस्सा
सेबी ने अपनी एनालिसिस में पाया कि 1 लाख रुपये से कम के व्यक्तिगत लेन-देन कुल लेन-देन का 92.9% है, जबकि 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये से कम के बीच के लेन-देन 3.9% हैं। 2 लाख रुपये से 3 लाख रुपये से कम के बीच के लेन-देन 1.3% हैं। सेबी के पेपर में कहा गया है कि एक निवेशक द्वारा दिन के दौरान किए गए कुल लेन-देन के लिए ये आंकड़े क्रमशः 91.5T, 4.6% और 1.6% थे। (इनपुट - भाषा)
