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SEBI New Rules: सेबी ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म-ऐप-वेबसाइट पर कसी नकेल, जानें क्यों बदले नियम

SEBI New Rules: सेबी के अनुसार शेयर के रियल टाइम मूल्य के आंकड़े के दुरुपयोग या अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए कुछ खास नियम लागू किए गए हैं। सेबी ने यह कदम ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, ऐप, वेबसाइट पर वर्चुअल लेनदेन सेवाएं या फंतासी गेम की सेवाएं देने वाली कंपनियों को देखते हुए उठाया है।

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सेबी ने बदले नियम

SEBI New Rules:पूंजी बाजार नियामक सेबी ने लिस्टेड कंपनियों के शेयरों के रियल टाइम के मूल्य आंकड़े को विभिन्न मंचों सहित तीसरे पक्ष के साथ साझा करने के लिए शुक्रवार को मानदंड जारी किए। असल में सेबी ने कुछ ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, ऐप, वेबसाइट पर वर्चुअल लेनदेन सेवाएं या फंतासी गेम के बारे में यह पाया था कि ये लिस्टेड कंपनियों के वास्तविक समय के शेयर मूल्यों के उतार-चढ़ाव पर आधारित हैं। सेबी ने कहा कि कुछ प्लेटफॉर्म पर असल में वर्चुअल शेयर पोर्टफोलियो के प्रदर्शन के आधार पर मौद्रिक प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं।इसी आकलन के आधार पर सेबी ने मानदंड जारी किए हैं।

दुरुपयोग रोकने के लिए कवायद

सेबी के अनुसार रियल टाइम मूल्य शेयर की कीमतों आंकड़े के दुरुपयोग या अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए कुछ खास नियम लागू किए गए हैं। बाजार नियामक के मुताबिक, शेयर बाजारों और पंजीकृत बाजार मध्यस्थों सहित बाजार ढांचागत संस्थानों (एमआईआई) को यह सुनिश्चित करना होगा कि रियल टाइम मूल्य डेटा किसी तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाए, जब तक कि प्रतिभूति बाजार के उचित कामकाज या नियामक अनुपालन के लिए यह जरूरी न हो।एमआईआई या मध्यस्थों को उस कंपनी के साथ समझौता करना होगा जिसके साथ वे रियल टाइम मूल्य डेटा साझा करते हैं। इन समझौतों में डेटा का उपयोग करने की गतिविधियों और कारणों की जानकारी देनी होगी।

हर साल समीक्षा

संस्थाओं और गतिविधियों की सूची की समीक्षा साल में कम से कम एक बार करनी होगी।हालांकि बाजार मूल्य आंकड़ों को निवेशक शिक्षा एवं जागरूकता के लिए किसी मौद्रिक प्रोत्साहन के बगैर भी साझा किया जा सकता है, लेकिन इसमें एक दिन की देरी होनी चाहिए।एमआईआई और बिचौलियों को उन संस्थाओं द्वारा मूल्य डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाना चाहिए जिनके साथ वे इसे साझा करते हैं। सेबी ने कहा कि ये नियम इस परिपत्र के जारी होने के 30 दिन बाद प्रभावी होंगे।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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