दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी ने दिया बड़ा झटका, चुपके से 10 गुना महंगा कर दिया कच्चा तेल

सऊदी अरब ने मई महीने के लिए एशियाई देशों को बेचे जाने वाले अपने प्रमुख Arab Light Crude Oil की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि की है। कंपनी ने बेंचमार्क कीमत से 19.50 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी कर दी है।

दुनिया इस समय एक गंभीर ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिका और ईरान (Iran War) के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक विध्वंसक रूप ले लिया है, जिसका सीधा असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर दिख रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका और तेल उत्पादक देशों के युद्ध में शामिल होने से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI कच्चा तेल आज 115 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस युद्ध और तेल संकट के बीच अब सऊदी अरब की ओर से एक और झटके वाली खबर आई है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी, सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने एशियाई खरीदारों के लिए अपने कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

Crude Oil

सऊदी अरामको ने दिया झटका

सऊदी अरब ने मई महीने के लिए एशियाई देशों को बेचे जाने वाले अपने प्रमुख 'अरब लाइट क्रूड' (Arab Light Crude) की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि की है। कंपनी ने बेंचमार्क कीमत से 19.50 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, बाजार के जानकारों का अनुमान था कि यह बढ़ोतरी 40 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती है, लेकिन वर्तमान वृद्धि भी पिछले कई रिकॉर्ड्स को तोड़ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता को देखते हुए सऊदी अरब का यह फैसला एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। एशिया के अधिकांश देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सऊदी के तेल पर निर्भर हैं, इसलिए इस फैसले का असर सीधा आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

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