Rule Change 1st July: जून का महीना अब खत्म होने की कगार पर है और इसके साथ ही नए महीने यानी जुलाई की शुरुआत होने जा रही है। हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी 1 जुलाई से कई महत्वपूर्ण वित्तीय और व्यावहारिक नियमों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम जनता, नौकरीपेशा कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और मध्यमवर्गीय परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी और मासिक बजट पर पड़ने वाला है। निवेश, बैंकिंग, यात्रा और LPG से जुड़े ये 7 बड़े बदलाव बेहद अहम हैं, जिन्हें जुलाई शुरू होने से पहले जान लेना आपके लिए बहुत जरूरी है ताकि आप किसी भी तरह के नुकसान या असुविधा से बच सकें।
1 जुलाई से बदल जाएंगे ये नियम
1. आधार कार्ड से जुड़ा नया नियम
1 जुलाई से आधार कार्डधारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आ रही है। यूआईडीएआई (UIDAI) के नए फैसले के मुताबिक, अब आधार मोबाइल ऐप के जरिए अपने आधार कार्ड में ई-मेल आईडी अपडेट कराना बेहद आसान और किफायती हो जाएगा। ऐप के माध्यम से ई-मेल आईडी लिंक या अपडेट करने पर लगने वाला 75 रुपए का शुल्क अगले छह महीने के लिए पूरी तरह माफ कर दिया गया है। यह मुफ्त सुविधा 1 जुलाई से लेकर 31 दिसंबर तक उपलब्ध रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग बिना किसी खर्च के अपने आधार डेटा को डिजिटल रूप से अपडेटेड रख सकें।
2. भारतीय रेलवे के कड़े नियम और भारी जुर्माना
ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अगले महीने से नियमों में सख्ती देखने को मिलेगी। रेलवे में अनुशासन और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बिना टिकट यात्रा करने वालों पर जुर्माना सीधे दोगुना करने का प्रस्ताव है। अब न्यूनतम जुर्माना 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए किया जा सकता है। इसके अलावा, दूसरों के टिकट पर यात्रा करने, महिलाओं के लिए आरक्षित बोगियों में अनाधिकृत रूप से घुसने, ट्रेन में हंगामा करने, भीख मांगने या अवैध रूप से फेरी लगाने जैसी गतिविधियों पर भी भारी-भरकम जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
3. बैंक एफडी (Fixed Deposit) की ब्याज दरें
यदि आप बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो 1 जुलाई से आपको नई ब्याज दरों का सामना करना पड़ सकता है। हाल ही में रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद कई बैंकों ने अपने वित्तीय समीकरणों की समीक्षा की है। इसके परिणामस्वरूप, जुलाई की शुरुआत से विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों की एफडी ब्याज दरों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसलिए, किसी भी बैंक में नया फिक्स्ड डिपॉजिट जमा करने या पुरानी एफडी को रिन्यू कराने से पहले ताजा ब्याज दरों की जांच अवश्य कर लें।
4. क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स में बदलाव
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए भी जुलाई का महीना अहम बदलाव लेकर आ रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) कार्ड्स अपने कुछ चुनिंदा प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स, जैसे 'PhonePe SBI Credit Card PURPLE' और 'PhonePe SBI Credit Card SELECT BLACK' के रिवॉर्ड पॉइंट नियमों को संशोधित करने जा रहा है। नए नियमों के तहत प्रति महीने मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की एक अधिकतम सीमा तय कर दी जाएगी, और कुछ विशेष प्रकार के लेन-देन पर अब कोई रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेगा। इसके अलावा, कई अन्य बैंक भी अपने कार्ड्स के नियमों में बदलाव कर सकते हैं।
5. रसोई गैस (LPG) के दामों में संभावित बदलाव
घरेलू बजट को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर भी 1 जुलाई को नई अपडेट आ सकती है। पिछले महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी उथल-पुथल के कारण 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के दामों में 29 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे दिल्ली में सिलेंडर की कीमत 942 रुपए तक पहुंच गई है। अब जुलाई की पहली तारीख को तेल कंपनियां गैस के दामों की दोबारा समीक्षा करेंगी। यदि वैश्विक स्तर पर और विशेषकर मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में तनाव कम नहीं होता है, तो एलपीजी की कीमतों में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
6. पेट्रोल और डीजल की कीमतें
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी लगातार दिख रहा है। पिछले समय में ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। अब 1 जुलाई से देश भर में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए जाएंगे। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरों को देखते हुए तेल कंपनियां यह तय करेंगी कि आम जनता को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दी जाए या फिर दामों को इसी स्तर पर स्थिर रखा जाए।
7. एटीएफ (ATF) और निर्यात शुल्क
हवाई ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्कों में सरकार समय-समय पर बदलाव करती रहती है। हाल ही में सरकार ने डीजल के निर्यात पर 14 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर 12.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क निर्धारित किया था। हर महीने की पहली तारीख को एटीएफ की कीमतों की घरेलू समीक्षा भी की जाती है। ऐसे में 1 जुलाई को हवाई ईंधन के नए दाम तय होंगे, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में हवाई यात्रा के किरायों और विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पर पड़ सकता है।
