Richest City in The World : दुनिया के कुछ शहर ऐसे हैं, जहां अमीरों बढ़ती ही जा रही है। अमेरिका का न्यूयॉर्क दुनिया का सबसे अमीर शहर बना हुआ है। यहां हर 23वां व्यक्ति करोड़पति है। Henley & Partners और New World Wealth की रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यूयॉर्क में 3.84 लाख करोड़पति हैं। इसके अलावा 818 सेंटी-मिलियनेयर यानी 100 मिलियन डॉलर से अधिक निवेश योग्य संपत्ति वाले लोग हैं। जबकि, 66 अरबपति रहते हैं। न्यूयॉर्क की अर्थव्यवस्था की ताकत वॉल स्ट्रीट, निवेश बैंकिंग, टेक्नोलॉजी, मीडिया, रियल एस्टेट और प्राइवेट इक्विटी सेक्टर हैं। दूसरी ओर भारत का वित्तीय केंद्र मुंबई भी तेजी से अमीर हो रहा है, लेकिन करोड़पतियों की आबादी का अनुपात अभी न्यूयॉर्क से काफी पीछे है।
इस शहर में हैं सबसे ज्यादा अमीर
हर लाख लोगों पर कितने करोड़पति?
न्यूयॉर्क की आबादी करीब 88 लाख है। जबकि वहां कुल 3,84,500 करोड़पति रहते हैं। यानी प्रति 1 लाख आबादी पर करीब 4,370 करोड़पति
हैं। यानी इस शहर की लगभग 4.4% आबादी करोड़पति है। आसान भाषा में कहें, तो न्यूयॉर्क का हर 23वां व्यक्ति करोड़पति है। न्यूयॉर्क के बाद इस लिस्ट में दूसरा नाम 2 बे एरिया सैन फ्रांसिस्को-सिलिकॉन वैली का आता है, जहां 3,42,400 करोड़पति और 82 अरबपति रहते हैं। वहीं, टोक्यो में 2,92,300 करोड़पति और 18 अरबपति रहते हैं। जबकि, सिंगापुर में 2,42,400 करोड़पति और 30 अरबपति रहते हैं। लॉस एंजिलिस 2,20,600 करोड़पति और 45 अरबपति रहते हैं।
भारत में सबसे अमीर शहर कौन?
भारत में मुंबई सबसे अमीर शहर है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां 46,000 करोड़पति और 92 अरबपति रहते हैं। पिछले 10 वर्षों में मुंबई में करोड़पतियों की संख्या 69% बढ़ी है, जो दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे तेज वृद्धि में शामिल है। मुंबई की आबादी करीब 1.25 करोड़ है। इस लिहाज से यहां प्रत्येक 1 लाख लोगों में से 368 लोग करोड़पति हैं। वहीं, दिल्ली में कुल करीब 30,000 करोड़पति रहते हैं। यहां की आबादी 3.4 करोड़ है, इस तरह दिल्ली में प्रत्येक 1 लाख लोगों में 88 करोड़पति रहते हैं। जबकि, बेंगलुरु में 13,000 करोड़पति रहते हैं और यहां की आबादी 1.4 करोड़ है, लिहाजा यहां प्रत्येक 1 लाख में 93 लोग करोड़पति हैं।
सबसे ज्यादा अरबपति किस शहर में?
अगर केवल अरबपतियों की बात करें तो अलग-अलग संस्थाओं के आंकड़ों में कुछ अंतर है। Henley रिपोर्ट में बे एरिया 82 अरबपतियों के साथ शीर्ष पर है, जबकि फोर्ब्स की गिनती के अनुसार न्यूयॉर्क दुनिया का सबसे बड़ा अरबपति शहर है। आंकड़ों में अंतर का कारण अरबपतियों की गणना का अलग तरीका और निवास की अलग परिभाषा है।
भारत के लिए क्या है संकेत?
भारत में करोड़पतियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और मुंबई, दिल्ली व बेंगलुरु जैसे शहर वैश्विक वेल्थ मैप पर तेजी से उभर रहे हैं। लेकिन आबादी के मुकाबले देखें तो भारत अभी भी विकसित देशों से काफी पीछे है। जहां न्यूयॉर्क में हर 23वां व्यक्ति करोड़पति है, वहीं मुंबई में यह अनुपात करीब हर 272वें व्यक्ति और दिल्ली में लगभग हर 1,100वें व्यक्ति पर है। इससे साफ है कि भारत में संपत्ति निर्माण की रफ्तार तेज है, लेकिन धन का घनत्व (Wealth Density) अभी वैश्विक वित्तीय केंद्रों के मुकाबले काफी कम है। आने वाले वर्षों में भारत के बड़े शहरों के इस सूची में और ऊपर आने की संभावना जताई जा रही है।
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