Reliance Industries: देश की सबसे अधिक मार्केट कैपिटल वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड चालू वित्त वर्ष में अपनी पहली सोलर गीगा-फैक्ट्री चालू करने की योजना बना रही है। कंपनी वर्ष 2035 तक ऑपरेशंस से नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रिलायंस ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के पहले फेज को चालू करना और 2026 तक कई फेज में इसे 20 गीगावाट तक बढ़ाना है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज गीगा फैक्ट्री
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ये और है बड़ा लक्ष्य
सौर गीगा-फैक्टरी में एक ही स्थान पर पीवी मॉड्यूल, सेल, वेफर्स और सिल्लियां, पॉलीसिलिकॉन और ग्लास का निर्माण होगा। कंपनी ने 2025 में मेगावाट स्तर पर सोडियम-आयन सेल उत्पादन का औद्योगिकीकरण करने और 2026 में पहली बार 50 मेगावाट घंटा (एमडब्ल्यूएच) प्रति वर्ष लिथियम बैटरी सेल बनाने का लक्ष्य भी तय किया है।
10 अरब डॉलर का करेगी निवेश
रिलायंस ने 2021 में घोषणा की थी कि वह वर्ष 2030 तक 100 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता पर आधारित एक नया फ्यूल बिजनेस तैयार करने के लिए तीन वर्षों में 10 अरब डॉलर का निवेश करेगी।
इंटीग्रेटेड सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग प्लान
इस योजना के तहत गुजरात के जामनगर में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, बैटरी भंडारण, ईंधन सेल और हाइड्रोजन के निर्माण के लिए चार गीगा कारखाने स्थापित किए जाने हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा, ”हमने ऐसे कारखाने स्थापित करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो हमारे इंटीग्रेटेड सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा होंगे। (इनपुट - भाषा)
