Reliance FMCG Business: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कारोबार मात्र दो साल में भारत का आठवां सबसे बड़ा FMCG कारोबार बन गया है, जिसने मैरिको और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के कारोबार को पछाड़ दिया है। ब्रोकरेज CLSA और कंपनी के खुलासों के अनुसार, रिलायंस रिटेल के तहत ऑपरेट होने वाले FMCG डिवीजन ने FY25 में 11,500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। इंडिपेंडेंस और Campa जैसे ब्रांड्स की मजबूत मांग ने इसे मैरिको, टाटा कंज्यूमर के भारतीय बिजनेस से आगे पहुंचा दिया और डाबर के घरेलू बिक्री के लगभग बराबर पहुंचा दिया। चौथी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स देश की सबसे तेजी से बढ़ने वाली FMCG कंपनी बनकर उभरी।
रिलायंस की FMCG यूनिट का कमाल
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रिलायंस इंडस्ट्रीज पर “आउटपरफॉर्म” रेटिंग
रिलायंस के FMCG कारोबार ने जनरल ट्रेड चैनलों और व्यापक रिटेल नेटवर्क के जरिए तेजी से विस्तार किया, जिसमें साल-दर-साल बिक्री में 3.5 गुना वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी ने अपनी चौथी तिमाही के नतीजों के साथ कहा कि जोरदार प्रोडक्ट लॉन्च और बाजार एक्सेस के विस्तार ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया।
CLSA ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर “आउटपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी और 1,650 रुपये का टार्गेट प्राइस निर्धारित किया। ब्रोकरेज ने उल्लेख किया कि रिलायंस के कंज्यूमर ब्रांड अब 3,200 से अधिक डिस्ट्रिब्यूटर्स के जरिए एक मिलियन से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स तक पहुंच रहे हैं।
कैम्पा और इंडिपेंडेंस की ग्रोथ “बेहद तेज”
रिलायंस रिटेल के CFO दिनेश तलुजा ने इनकम कॉल में कहा कि कैम्पा और इंडिपेंडेंस जैसे प्रमुख ब्रांड “बेहद तेज” ग्रोथ कर रहे हैं। कैम्पा ने प्रमुख क्षेत्रों में दोहरे अंकों की बाजार हिस्सेदारी हासिल की है। कंपनी ने कैम्पा एनर्जी और क्रिकेटर मुथैया मुरलीधरन द्वारा समर्थित स्पिनर जैसे नए स्पोर्ट्स ड्रिंक लॉन्च किए हैं।
रिलायंस का FMCG कारोबार 2022 में औपचारिक शुरुआत के बाद से तेजी से बढ़ा है और अब यह राष्ट्रीय स्तर पर राजस्व के आधार पर आठवां सबसे बड़ा है।
2659 नए स्टोर खोले गए
FY25 में रिलायंस रिटेल ने अपने स्टोर नेटवर्क का बड़े पैमाने पर पुनर्गठन किया, जिसमें 2,155 स्टोर बंद किए गए और 2,659 नए स्टोर खोले गए। कुल मिलाकर, 500 स्टोर की शुद्ध वृद्धि हुई, जिससे स्टोरों की संख्या 19,340 हो गई।
रिटेल यूनिट अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के समेकित EBITDA में 15% का योगदान देती है, जो चार साल पहले 10% थी। यह वृद्धि कंपनी की रणनीतिक दृष्टि और बाजार में मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
