अगर आप PF अकाउंट होल्डर हैं तो आपको काफी सावधान रहने की जरूरत है। साइबर फ्रॉड फर्जी लिंक भेजकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। इसको देखते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अलर्ट जारी किया है। ईपीएफो ने 'X' पर पोस्ट कर लोगों को इससे बचने के 6 टिप्स दिए हैं। EPFO ने अपने प्रोविडेंट धारकों से उन्होंने नकली लिंक, मैसेज या ईमेल से सावधान रहने की सलाह दी है, जिनसे सदस्यों की निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। EPFO ने कहा, किसी भी अनजान लिंक को क्लिक करने से पहले सोचें! EPFO सभी सदस्यों से ऑनलाइन सतर्क रहने का आग्रह करता है। नकली लिंक से बचें, URL की जांच करें और हर समय अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें।
ईपीएफओ फ्रॉड
डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा
EPFO ने सदस्यों से वेब लिंक की जांच करने को कहा है। EPFO की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और सदस्य अलग-अलग PF सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। धोखाधड़ी करने वाले लोग असली प्लेटफॉर्म जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और लिंक बनाकर लोगों को धोखा दे सकते हैं, जिससे यूजर्स अपनी जरूरी जानकारी शेयर कर देते हैं।
इसलिए, किसी लिंक पर क्लिक करने या अपनी कोई पर्सनल या अकाउंट से जुड़ी जानकारी डालने से पहले सदस्यों को वेब एड्रेस और दूसरी जानकारियों को ध्यान से देख लेना चाहिए। अनजान मैसेज, ईमेल या बिना वेरिफ़ाई किए गए दूसरे सोर्स से मिले किसी भी लिंक को सावधानी से देखना चाहिए, खासकर तब जब वे यूजर्स से संवेदनशील जानकारी या पर्सनल डिटेल्स, जैसे ATM पिन, OTP वगैरह, देने के लिए कहें।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए दिए ये 6 टिप्स
केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: हमेशा केवल ईपीएफओ (EPFO) की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। टेक्स्ट मैसेज, ईमेल या ऑनलाइन मिले किसी भी संदिग्ध आधिकारिक वेबसाइट के लिंक पर कभी क्लिक न करें।
असत्यापित वेबलिंक्स पर क्लिक न करें: एसएमएस, सोशल मीडिया या ईमेल के माध्यम से शेयर किए गए किसी भी असत्यापित लिंक पर गलती से भी क्लिक न करें।
अपनी निजी जानकारी शेयर न करें: ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा किसी भी अन्य वेबसाइट पर अपना यूएएन (UAN), पीपीओ (PPO), पासवर्ड, आधार, पैन, बैंक विवरण या ओटीपी (OTP) दर्ज न करें।
URL की अच्छी तरह जांच करें: लॉगिन करने से पहले वेबसाइट के यूआरएल (URL) की ध्यानपूर्वक जांच करें, विशेष रूप से स्पेलिंग की गलतियों या असामान्य डोमेन नामों पर नजर रखें।
संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करें: किसी भी संदिग्ध वेबसाइट, मैसेज या फिशिंग के प्रयास की शिकायत ईपीएफओ के आधिकारिक हेल्पलाइन डेस्क या साइबर सुरक्षा रिपोर्टिंग चैनलों पर करें।
ईपीएफओ कभी भी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता: ईपीएफओ कभी भी फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया या ईमेल के जरिए आपसे ओटीपी (OTP), व्यक्तिगत जानकारी या लॉगिन क्रिडेंशियल (पासवर्ड आदि) नहीं मांगता है।
अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें
EPFO ने अपनी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया है। सदस्यों को ऐसी वेबसाइटों या प्लेटफॉर्म पर संवेदनशील जानकारी शेयर करने से बचना चाहिए जिनकी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है।
