भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। आरबीआई के इस फैसले से आने वाले दिनों में बैंकों द्वारा होम लोन पर ब्याज बढ़ाया जाएगा। इसके चलते नए और पुराने होम लोन लेने वालों पर EMI का बोझ बढ़ेगा। इसका बुरा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर दिखाई दे सकता है। त्योहारी सीजन में घरों की मांग सुस्त पड़ सकती है। रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि होम लोन महंगा होने से घरों की बिक्री पर असर होगा। हालांकि, बहुत व्यापक असर की संभावना नहीं है।
आवासीय मांग
बिक्री पर कुछ असर पड़ सकता है: क्रेडाई
क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा कि आरबीआई के निर्णय से कर्ज लेने की लागत बढ़ेगी। इससे बिक्री पर कुछ असर पड़ सकता है। आरबीआई की मौद्रिक नीति का असर पूंजी की लागत और उसकी उपलब्धता पर पड़ेगा।
रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष निकाय नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि फिलहाल आवासीय मांग मजबूत बनी हुई है। खरीदारों के स्तर पर मजबूत धारणा, त्योहारी मांग और घर खरीदने की दीर्घकालीन जरूरत को देखते हुए हमारा मानना है कि इस बढ़ोतरी का आवासीय बाजार पर प्रभाव सीमित रहेगा। वहीं, निंबस ग्रुप के सीईओ, साहिल अग्रवाल ने कहा कि RBI द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी का निर्णय आर्थिक स्थिरता और महंगाई को काबू करने के लिए। रियल एस्टेट सेक्टर मजबूत स्थिति में बना हुआ है। ऐसे में इस बढ़ोतरी का बड़ा असर नहीं होगा।
कर्ज महंगा होने से बिक्री पर असर संभव
अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने बताया कि आरबीआई की ओर से रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कर्ज लेने की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर निकट अवधि में आवासीय मांग और बिक्री पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, रियल एस्टेट क्षेत्र की बुनियादी मांग मजबूत बनी हुई है। बढ़ती आय, शहरीकरण, रोजगार के अवसर और बुनियादी ढांचे के विकास से आवास बाजार को लगातार समर्थन मिल रहा है। त्योहारी सीजन में डेवलपर छूट और आकर्षक भुगतान योजनाओं के जरिए बढ़ी हुई कर्ज लागत का असर कम करने की कोशिश कर सकते हैं।
वहीं, RBI के रेपो रेट पर Emami Realty के एमडी और CEO नितेश कुमार ने कहा कि रेपो रेट बढ़ोतरी का मकसद महंगाई और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच आर्थिक स्थिरता और लंबी अवधि की ग्रोथ में संतुलन बनाना है। हालांकि पॉलिसी में स्पष्टता से घर खरीदारों का भरोसा और शहरी मांग बढ़ती है, लेकिन त्योहारी सीजन की शुरुआत में ही हुई इस बढ़ोतरी से कुछ समय के लिए घर खरीदने की क्षमता पर असर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो फाइनेंस पर निर्भर हैं और पहली बार घर खरीद रहे हैं या जो अफोर्डेबल-से-मिड सेगमेंट में आते हैं।
त्योहारी सीजन में मांग बनी रहने की उम्मीद
गंगा रियल्टी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, विकास गर्ग के मुताबिक, रियल एस्टेट सेक्टर त्योहारी सीजन में प्रवेश कर रहा है। रेपो रेट में इस बदलाव से होम लोन की लागत पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन हमारा मानना है कि देश में घरों की मांग और रियल एस्टेट सेक्टर की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। त्योहारी सीजन में आमतौर पर घर खरीदने की गतिविधियां बढ़ती हैं और हमें उम्मीद है कि इस बार भी यह रफ्तार बनी रहेगी।
