IIFL Finance & JM Financial: हाल में हुई रेगुलेटरी कार्रवाई के बाद आईआईएफएल फाइनेंस और जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को आरबीआई की और भी अधिक जांच का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय बैंक इन दोनों नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) का स्पेशल ऑडिट करेगा। इसके लिए आरबीआई ने ऑडिट फर्मों के लिए एक ई-टेंडर जारी किया है, जिसमें रुचि रखने वाली सेबी द्वारा सूचीबद्ध ऑडिट फर्म अप्लाई कर सकती हैं। RBI की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, चुनी गई फर्मों को 12 अप्रैल 2024 को काम सौंपा जाएगा।
आईआईएफएल फाइनेंस और जेएम फाइनेंशियल पर एक्शन
ये भी पढ़ें -
क्या है जेएम फाइनेंशियल का मामला
एक इंस्पेक्शन के बाद आईपीओ और बॉन्ड ऑफरिंग की फाइनेंसिंग में गंभीर गड़बड़ियों का पता चलने के बाद केंद्रीय बैंक ने जेएम फाइनेंशियल को शेयरों और बॉन्डों के बदले लोन देने से रोक दिया था। जेएम फाइनेंशियल को किसी भी नए पब्लिक डेब्ट इश्यू के लिए मैनेजर के रूप में काम करने से भी रोक दिया गया।
हालांकि कंपनी ने एक बयान में कहा कि इसने नियमों का उल्लंघन नहीं किया और ये जांच में आरबीआई के साथ सहयोग करेगी।
आईआईएफएल फाइनेंस पर क्या हैं आरोप
आरबीआई ने आईआईएफएल फाइनेंस के पोर्टफोलियो में "सामग्री पर्यवेक्षी चिंताएँ" (Material Supervisory Concerns) मिलने के बाद इसे गोल्ड लोन देने से रोक दिया था। इसके बाद आईआईएफएल ने कहा था कि वह आरबीआई के निर्देशों का पालन करेगी।
आईआईएफएल और जेएम फाइनेंशियल जैसे शैडो कर्जदाता लोन ग्रोथ के लिए अहम माने जाते हैं। वे आम तौर पर मुख्य बैंक नेटवर्क से बाहर के ग्राहकों को सर्विस देते हैं, जिनमें छोटे बिजनेस भी शामिल हैं।
