महाराष्ट्र के इस गांव में 2.79 करोड़ टन रेयर अर्थ खनिज का भंडार, निकालने के लिए कोल इंडिया को मिला लाइसेंस

Rare Earth Elements Mining: कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने जानकारी दी कि उसे महाराष्ट्र के कवलापुर दुर्लभ खनिज (आरईई) ब्लॉक के लिए खनन मंत्रालय से खनिज रियायत लाइसेंस प्राप्त हुआ है। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि यह लाइसेंस खननकर्ता को पांच वर्षों की अवधि के लिए दिया गया है।

Rare Earth Elements Mining : देश की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ एलिमेंट्स-आरईई) के क्षेत्र में कदम रखते हुए एक अहम उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने मंगलवार (20 जनवरी 2025) को बताया कि उसे महाराष्ट्र के नागपुर जिले में स्थित कवलापुर दुर्लभ खनिज ब्लॉक के लिए खनन मंत्रालय से खनिज रियायत लाइसेंस मिल गया है। यह लाइसेंस कंपनी को पांच वर्षों के लिए दिया गया है। इस फैसले को कोल इंडिया के लिए सिर्फ एक नया प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उसकी लॉन्ग टर्म रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

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कोल इंडिया को महाराष्ट्र में दुर्लभ खनिज ब्लॉक का लाइसेंस (तस्वीर-Canva)

कहां स्थित है कवलापुर आरईई ब्लॉक

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक खनिज ब्लॉक के डिटेल के अनुसार, यह आरईई ब्लॉक महाराष्ट्र के नागपुर जिले की रामटेक तहसील के कवलापुर गांव में स्थित है। यह ब्लॉक करीब 398.23 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जो आकार में काफी बड़ा माना जाता है। शुरुआती भूवैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, इस क्षेत्र में दुर्लभ खनिजों के संसाधन करीब 2 करोड़ 79.5 लाख टन होने का अनुमान है। इतनी बड़ी मात्रा में संसाधन मिलने से यह ब्लॉक रणनीतिक रूप से काफी अहम बन जाता है।

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