तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 24 रुपए और डीजल पर 109 रुपए प्रति लीटर का हो रहा नुकसान! क्या चुनाव के बाद बढ़ेंगे दाम?

क्या देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाली हैं? पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल भारतीय तेल कंपनियों पर लगातार बोझ बढ़ा रहा है।

नए महीने की शुरुआत होने के साथ सुबह-सुबह ही आम आदमी को प्रीमियम पेट्रोल, फास्टैग, एलपीजी कमर्शियल सिलेंडर और जेट फ्यूल की नई कीमतों ने बड़ा झटका दिया। वहीं, सरकार का कहना है कि कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतें डीरिगुलेटेड होती हैं। यानी ये बाजार के अनुसार तय होती हैं और आमतौर पर हर महीने संशोधित की जाती हैं। केंद्र का कहना है कि इन सिलेंडर का इस्तेमाल उद्योगों और होटलों में किया जाता है और इनका LPG की कुल खपत में 10% से भी कम हिस्सा होता है।

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ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हो रहा पेट्रोल-डीजल पर नुकसान (Photo: iStock)

क्यों बढ़े कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का मुख्य कारण सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi Contract Price) में 44% की तेज वृद्धि थी। जो मार्च में 542 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर अप्रैल में 780 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गई। केंद्र ने साफ किया कि ग्लोबल LPG सप्लाई का लगभग 20-30% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसा हुआ है, जिससे सप्लाई बाधित हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

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