Price 1 lakh Does Not worry Indians On Buying Premium phones:अब भारत में एक लाख रुपये और उससे अधिक कीमत वाले फोन खरीदना कोई बड़ी बात नहीं है। ग्राहकों के लिए यह आम बात हो गई है। और इस बदलते ट्रेंड का असर प्रीमियम फोन की बिक्री में हुई इजाफे में दिख रहा है। प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग एक साल में 100 फीसदी तक बढ़ गई है। और इस रेस में ऐप्पल सैमसंग के बीच चीनी कंपनियां ओप्पो, वनप्लस भी उतर गई हैं। महंगे फोन की डिमांड का आलम यह है कि रिटेलर्स और कंपनियां डिमांड पूरा नहीं कर पा रही है। और कस्टमर का अपने पसंदीदा फोन का इंतजार बढ़ सकता है।
फोन की मांग बढ़ी
कहां से आ रही है डिमांड
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार , अब एक लाख और उससे ज्यादा के कीमत वाले फोन टैबू नहीं रह गए हैं। लोग धड़ाधड़ महंगे फोन खरीद रहे हैं और इसकी एक वजह ऐसे फोन का उनके लिए खरीदना आसान होना है। अब रिटेलर और कंपनियां छोटे शहरों में भी ग्राहकों के लिए EMI का ऑप्शन लेकर आई हैं। जिसकी वजह से महंगे फोन लेना जेब के लिए सहूलियत भरा हो गया है।
ग्राहकों की डिमांड को देखते हुए कंपनियां ऐसे फोन में खास फीचर्स लेकर आ रही है। जिसमें फ्लिप या फोल्ड वाले फोन, कैमरा, प्रोसेसर और मेमोरी बेहद उच्च क्ववॉलिटी के होतें है। डिमांड का आलम यह है कि हाल ही में लांच हुए iPhone-15 सीरिज फोन की डिमांड डबल हो गई है। इसी तरह सैमसंग फ्लिप 5 और फोल्ड 5 की प्री बुकिंग 1.50 लाख तक पहुंच गई है। जबकि पिछले साल यह एक लाख थी। इन फोन की कीमत 1,84,999 रुपये तक जाती है।
जम कर बिक्री
रिपोर्ट के अनुसार सैमसंग के फ्लिप, फोल्ड और अल्ट्रा स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी बढ़ गई है। इसी तरह एप्पल के iPhone-15 प्रो सीरीज के फोन का वेटिंग पीरियड 3-4 हफ्ते हो गया है। और इस समय iPhone की कुल बिक्री में iPhone-15 की हिस्सेदारी 30 फीसदी तक हो गई है। काउंटरप्वाइंट की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून में प्रीमियम स्मार्टफोन (30,000 रुपये से अधिक कीमत) की बिक्री में 112 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
