केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त Ramesh Krishnamurthy ने बुधवार को बताया कि Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) जल्द ही PF की फाइनल निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑटोमैटिक करने जा रहा है। इससे लोगों के बैंक खाते में पैसा पहले से ज्यादा तेजी से पहुंचेगा। EPFO के देशभर में 7 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं। अभी तक 5 लाख रुपये तक की आंशिक या एडवांस निकासी के दावे ऑटोमैटिक तरीके से निपटाए जाते हैं। ऐसे दावों का निपटान आवेदन करने के तीन दिन के अंदर कर दिया जाता है। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद फाइनल PF निकासी भी आसान और तेज हो जाएगी।
इस नई सुविधा से लाखों लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
उद्योग संगठन ASSOCHAM द्वारा आयोजित नए श्रम संहिता कार्यक्रम में Ramesh Krishnamurthy ने कहा कि EPFO अब ज्यादा से ज्यादा सेवाओं को ऑटोमैटिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक यह सुविधा केवल PF की एडवांस निकासी के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब जल्द ही फाइनल PF निकासी के दावों का निपटान भी ऑटोमैटिक तरीके से किया जाएगा। इससे लोगों को पैसा पाने में कम समय लगेगा और प्रक्रिया पहले से आसान हो जाएगी।
नए खाते में ट्रांसफर करने की सुविधा
Ramesh Krishnamurthy ने कहा कि अगर कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है, तो Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) अब PF खाते को अपने आप नए खाते में ट्रांसफर करने की सुविधा शुरू कर रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए कर्मचारियों को अलग से कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। EPFO खुद ही पुराने PF खाते की राशि को नए सदस्य खाते में ऑटोमैटिक तरीके से ट्रांसफर करने की कोशिश करेगा। इससे नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी।
चारों श्रम संहिताओं को पूर्णतः कार्यान्वित करने और उनके अंतर्गत नियम प्रकाशित करने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि परिभाषाओं और अन्य शब्दों को सरल बनाने, संहिताबद्ध करने और मानकीकृत करने के लिए भरसक प्रयास किए गए हैं। सरकार ने आठ मई को चारों नई श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया है। कृष्णमूर्ति ने कहा कि ईपीएफओ से संबंधित अगली अधिसूचनाएं शीघ्र ही प्रकाशित की जाएंगी।
तीन योजनाएं होंगी अधिसूचित
नए कानूनी ढांचे के तहत, तीन योजनाएं ... ईपीएफ योजना 1952, कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना 1976 और कर्मचारी पेंशन योजना 1995... भी पुनः अधिसूचित की जाएंगी। उन्होंने कहा, ’’हमने कोई बड़े बदलाव नहीं किए हैं। हमने अतीत से जो भी सीखा है, उसे शामिल करने का प्रयास किया है। हमने केंद्रीय न्यासी बोर्ड द्वारा हाल ही में अनुमोदित सभी
निर्णयों को शामिल किया है, जिनमें निकासी को सरल बनाना और अन्य सुधार शामिल हैं। साथ ही छूट प्राप्त न्यासों से संबंधित प्रावधानों में व्यापक संशोधन भी किया गया है। इन्हें नई योजनाओं में शामिल किया गया है।’’ केंद्रीय श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि श्रम संविधान की समवर्ती सूची में है और राज्य अपने नियम स्वयं बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का सिद्धांत अनुपालन में कमी, कारोबार को सुगम बनाना, व्यापार विस्तार में आसानी और यह सुनिश्चित करना रहा है कि श्रमिकों के साथ कोई अन्याय न हो। गुरनानी ने कहा कि अब उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि सुधार को केवल अनुपालन सूची के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे एक खुशहाल, स्वस्थ और उत्पादक कार्यबल के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जाए।
(इनपुट: भाषा)
