दुनियाभर में बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम लेकिन भारत में नहीं? आखिर क्यों

ईरान और मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव ने पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट में खलबली मचा दी है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर जा रही हैं, जिससे अमेरिका से लेकर यूरोप तक पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि इस वैश्विक आग के बीच भारत में ईंधन की कीमतें थमी हुई हैं। आइए जानते हैं आखिर कैसे?

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक बड़े संकट में डाल दिया है। जैसे ही युद्ध की सुगबुगाहट शुरू हुई, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। दुनिया के कई देशों में रातों-रात पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी गईं ताकि बढ़ी हुई लागत की भरपाई की जा सके। लेकिन भारतीय कंज्यूमर्स के लिए राहत की बात यह है कि यहां तेल कंपनियों ने अभी तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस स्थिरता के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि भारत सरकार की सोची-समझी रणनीति और तेल कंपनियों का 'बफर स्टॉक' मैनेजमेंट काम कर रहा है।

Petrol Diesel Rates

भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, फिर भी यहां कीमतों का न बढ़ना आम जनता के लिए बड़ी राहत है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं आखिर दुनिया में तेल की कीमतें जहां बढ़ रही हैं वहां भारत की कीमतें स्थिर कैसे हैं?

End of Feed