पेट्रोल-डीजल कीमत कब होगी कम? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया ये जवाब

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बिक्री पर कुल 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौता होने के बाद पिछले दो-तीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले चार महीनों के सबसे निचले स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें पहुंचने के बावजूद फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकारी तेल कंपनियां अभी भी उस महंगे कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर रही हैं, जिसे पश्चिम एशिया में तनाव और संकट के दौरान ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था। इसी वजह से फिलहाल उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

Hardeep Singh Puri (2)

संघर्ष के चरम के दौरान कच्चे तेल की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।

पेट्रोल और डीजल के दाम मई माह के दूसरे पखवाड़े में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के दो महीने से भी अधिक समय बाद हुई थी और वैश्विक ईंधन कीमतों में हुई वृद्धि से भी कम थी। इसके कारण सरकारी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने कच्चे तेल की बढ़ी लागत का बड़ा हिस्सा स्वयं वहन किया।

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