पड़ोसी देश पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक चुनौतियों और लगातार बढ़ती महंगाई के दौर से गुजर रहा है, जहाँ आम जनता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। देश की संघीय सरकार ने पेट्रोलियम डिविजन (Petroleum Division) द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के तहत पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 15 सितंबर से पूरे देश में लागू कर दी गई हैं, जिससे पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम नागरिकों की जेब पर और अधिक बोझ पड़ना तय है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक विकास के आधार पर तय किए गए इन नए दामों ने एक बार फिर लोगों को चौंका दिया है, क्योंकि ईंधन के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की इस्तेमाल होने वाली हर जरूरी चीज के महंगे होने का खतरा बढ़ जाता है।
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग! नई कीमतें जानकर चौंक जाएंगे
कितनी हो गई अब पेट्रोल डीजल की कीमत
पेट्रोलियम डिविजन की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, हाई-स्पीड डीजल (High-Speed Diesel) की कीमत में सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डीजल के दाम में प्रति लीटर 6.10 रुपये की तेज बढ़त की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 403.32 रुपये से बढ़कर सीधे 409.42 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। डीजल का उपयोग मुख्य रूप से कमर्शियल गाड़ियां, मालवाहक ट्रक, बसें और कृषि क्षेत्र में होता है, ऐसे में डीजल के दाम बढ़ने से देश में ट्रांसपोर्टेशन और ढुलाई का खर्च काफी महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर फल, सब्जियों और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों पर पड़ेगा। इसी प्रकार, आम आदमी की गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल की कीमत में भी 4.42 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब पेट्रोल 375.82 रुपये से महंगा होकर 380.24 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ईंधन की इन संशोधित कीमतों को तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्लैट्स दरों (Platts rates), प्रीमियम और अन्य सहायक खर्चों (incidentals) को आधार बनाया गया है। वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में आए बदलावों और पाकिस्तानी मुद्रा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था में महंगाई दर लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई है। पेट्रोल और डीजल के दामों में बार-बार होने वाली इस बढ़ोतरी के कारण आम जनता का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है और लोगों के लिए अपने घर का खर्च चलाना बेहद कठिन होता जा रहा है।
इस ताजा मूल्य वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका चौतरफा प्रभाव देश की पूरी अर्थव्यवस्था और आम आदमी के जनजीवन पर पड़ेगा। जब भी परिवहन और ईंधन महंगा होता है, तो उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक सभी के लिए परिचालन लागत बढ़ जाती है, जिससे अंततः महंगाई की आंच सीधे आम उपभोक्ता तक पहुंचती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की वर्तमान आर्थिक स्थिति और वैश्विक ईंधन बाजार के रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में नागरिकों को महंगाई के मोर्चे पर और अधिक राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
