पाकिस्तान में गैस संकट: जंग ने बदली पूरी तस्वीर, त्राहिमाम लोग!

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  • Updated Apr 4, 2026, 11:36 AM IST

Pakistan Energy Crisis: साल की शुरुआत में पाकिस्तान के पास जरूरत से ज्यादा एलएनजी थी, क्योंकि 2021 से 2025 तक मांग घटती रही। सस्ते सोलर पैनल और फैक्ट्रियों में कमी इसका कारण बने। सरकार ने अतिरिक्त गैस विदेशों को बेची, कुछ कुएं बंद किए और बची गैस घरेलू सप्लाई में घाटे में डाली, जिससे ऊर्जा क्षेत्र का कर्ज और बढ़ गया।

Pakistan Energy Crisis: इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान के पास आयातित एलएनजी (LNG) जरूरत से ज्यादा था। पिछले तीन वर्षों में गैस की मांग लगातार घट रही थी। 2021 में जहां खपत 8.2 मिलियन टन थी, वह 2025 के अंत तक घटकर 6.1 मिलियन टन रह गई। इसकी एक बड़ी वजह सस्ते सोलर पैनलों का तेजी से फैलना और फैक्ट्रियों में उत्पादन कम होना था। स्थिति यह थी कि सरकार को अतिरिक्त गैस को दूसरे देशों को बेचना पड़ा और घरेलू गैस कुओं को बंद करना पड़ा ताकि पाइपलाइन पर दबाव न बढ़े। जो गैस बच जाती, उसे सस्ते में घरेलू नेटवर्क में डालना पड़ता, जिससे ऊर्जा क्षेत्र का कर्ज और बढ़ता गया। लेकिन हालात अचानक बदल गए जब 28 फरवरी कोअमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया। इस हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होरमुज, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है, वहां आवाजाही करीब-करीब रुक गई। अब ईरान के ड्रोन ने कतर के रास लफ्फान गैस प्लांट को निशाना बनाया, जो दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात केंद्र है। कतर ने तुरंत उत्पादन रोक दिया और फोर्स मेज्योर घोषित कर दिया, यानी अब वह अपने अनुबंध पूरे करने के लिए बाध्य नहीं रहा। इससे वैश्विक गैस बाजार में हलचल मच गई।

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LNG संकट से हिल गया पाकिस्तान (तस्वीर-istock/AP)

कीमतों में उछाल और सप्लाई में गिरावट

इस युद्ध की वजह से तेल की कीमतें 109 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं और यूरोप में गैस की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। पाकिस्तान के लिए स्थिति और गंभीर हो गई क्योंकि वह अपनी ज्यादातर एलएनजी जरूरतें कतर और संयुक्त अरब अमीरात से पूरी करता है। मार्च में पाकिस्तान को सिर्फ दो एलएनजी शिपमेंट मिले, जबकि आमतौर पर हर महीने 8 से 12 शिपमेंट आते थे। जिससे कीमत भी बढ़ गई। फरवरी में जहां गैस $10.47 प्रति MMBtu थी, वहीं मार्च में यह बढ़कर $12.49 हो गई।

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