Book Value Discount Stock Rally: स्मॉलकैप और पेनी स्टॉक्स में जारी हलचल के बीच Alfavision Overseas (India) Ltd का शेयर अचानक सुर्खियों में आ गया है। महज 5 कारोबारी दिनों में इस माइक्रोकैप कंपनी का शेयर करीब 90% चढ़ गया। दिलचस्प बात यह है कि इतनी तेजी के बावजूद शेयर अभी भी अपनी बुक वैल्यू से लगभग आधा नीचे ट्रेड कर रहा है।
ताबड़तोड़ बढ़ रहा शेयर
माइक्रोकैप शेयर में अचानक तेज रैली
करीब ₹23 करोड़ मार्केट कैप वाली Alfavision Overseas का शेयर बुधवार को लगभग 10% की तेजी के साथ ₹7.28 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 90% की उछाल दर्ज की गई है। हालांकि शेयर में आई इस तेज तेजी के बावजूद कंपनी का स्टॉक अभी भी अपनी बुक वैल्यू ₹13.4 की तुलना में लगभग 50% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। इस तरह वैल्यूएशन के लिहाज से यह शेयर अब भी बुक वैल्यू से नीचे माना जा रहा है।
सिर्फ 9 कर्मचारियों वाली कंपनी
Alfavision Overseas का आकार बेहद छोटा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कंपनी में केवल 9 कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी की स्थापना 1994 में हुई थी और इसका मुख्य कारोबार ऑर्गेनिक खेती और हर्बल मेडिसिनल फार्मिंग से जुड़ा हुआ है। कंपनी के पास भोपाल के पास विंध्यांचल क्षेत्र में लगभग 220 एकड़ जमीन है, जहां टीक प्लांटेशन और अन्य कृषि गतिविधियां संचालित की जाती हैं। कंपनी का ज्यादातर राजस्व कृषि उत्पादों की बिक्री से आता है।
नए कारोबार में विस्तार की योजना
कंपनी ने हाल ही में अपने कारोबार के दायरे को बढ़ाने की योजना बनाई है। FY25 में कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कर कई नए बिजनेस सेक्टर जोड़ने को मंजूरी दी है। इनमें रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, रिसॉर्ट और वेलनेस सेंटर, थीम पार्क और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि भोपाल के पास मौजूद जमीन का उपयोग भविष्य में ऑर्गेनिक खेती के साथ ग्रीन रिजॉर्ट और वेलनेस प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए किया जा सकता है।
फंडामेंटल अब भी कमजोर
शेयर में आई तेजी के बावजूद कंपनी के फंडामेंटल मजबूत नहीं माने जाते। पिछले पांच साल में कंपनी की बिक्री में करीब 51% की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं पिछले तीन साल में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी बेहद कम रहा है। कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में एक और चिंता का विषय बेहद ऊंचे डेब्टर डेज हैं, जो 5,200 दिनों से ज्यादा तक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा प्रमोटर हिस्सेदारी भी लगभग 24.8% के आसपास है, जिसे बाजार के लिहाज से कम माना जाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
माइक्रोकैप और पेनी स्टॉक्स में अक्सर कम लिक्विडिटी और ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। Alfavision Overseas के शेयर में आई हालिया तेजी भी इसी तरह की गतिविधि का उदाहरण मानी जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे शेयरों में निवेश करते समय निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, कारोबार की स्थिरता और जोखिम के स्तर का आकलन जरूर करना चाहिए, क्योंकि छोटे शेयरों में तेजी जितनी तेज आती है, उतनी ही तेजी से गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
