Online Gaming Industry: ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) कंपनियों की एक एसोसिशन ने मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sithaaman) से 28 फीसदी जीएसटी (GST) को कम करने का अनुरोध किया। इंडस्ट्री बॉडी ने कहा कि यह टैक्स बहुत अधिक है और इससे अवैध तरीके से काम करने वाली गेमिंग कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री की सरकार से GST कम करने की अपील
सीतारमण को लिखे एक ओपन लेटर में 'इंडियन गेमर्स यूनाइटेड' (Indian Gamers United) के बैनर तले मध्य और छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) की गेमिंग कंपनियों ने कहा कि हाई टैक्सेशन के कारण अवैध गेमिंग और विदेशी प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा मिलेगा। इनसे सरकार को कोई टैक्स नहीं मिलेगा, लेकिन वैध गेमिंग कंपनियां बहुत बड़े संकट में फंस जाएंगी।
गेमिंग है स्किल बेस्ड एक्टिविटी
इंडियन गेमर्स यूनाइटेड ने जुए जैसे किस्मत के खेल और गेमिंग जैसे कौशल वाले खेलों के बीच फर्क करने की भी वकालत की। इसने एक बयान में कहा कि गेमिंग एक कौशल आधारित गतिविधि (Skill Based Activity) है और इसे जुआ या घुड़दौड़ जैसे किस्मत वाले खेलों के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।
उन्होंने टैक्सेशन पर फिर से विचार करने और इसे इंडस्ट्री के अनुकूल बनाने को कहा।
जीएसटी काउंसिल लेगी फैसला
जीएसटी काउंसिल बुधवार को अपनी बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी लागू करने के तरीके पर फैसला करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल की पिछले महीने हुई बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ में लेन-देन की पूरी राशि पर 28 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का निर्णय किया गया।
सरकार के फैसले की आलोचना
काउंसिल के फैसले की ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में आलोचना हुई। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि जीएसटी काउंसिल को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
