शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच ओएनजीसी (ONGC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Ltd.) के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण रहा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल, जो मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की वजह से हुआ है। ONGC के शेयर 3.09% बढ़कर ₹255.55 पर पहुंच गए, जबकि Oil India के शेयरों में 2.49% की बढ़त के साथ ₹480 का स्तर छू लिया।
ONGC शेयर प्राइस।
ब्रेंट क्रूड का अगस्त वायदा अनुबंध 13.8% उछलकर $78.50 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो 27 जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। सुबह 9:32 बजे तक इसमें 8.72% की तेजी बनी रही और यह $75.36 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
मई में ब्रेंट क्रूड $59 प्रति बैरल तक गिर गया था । यह फरवरी 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर था। लेकिन अब लगातार बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितताओं और युद्ध की आशंका के बीच तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।
कच्चे तेल की सप्लाई पर खतरा
इज़राइल द्वारा ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों ने वैश्विक बाजार को हिला दिया है। इन हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ वैज्ञानिकों और सैन्य कमांडरों की मौत हुई है।
ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, "ईरान इस हमले का सख्त जवाब देगा।" वहीं, इजराइल ने भी संभावित प्रतिशोध को देखते हुए देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है।
चीन पर भी असर, जो ईरान के तेल का सबसे बड़ा ग्राहक
ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है, और अपने अधिकांश तेल का निर्यात चीन को करता है, जो वैश्विक तेल खपत का 20% अकेले करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ईरान की सप्लाई में व्यवधान आता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिससे तेल उत्पादक कंपनियों को लाभ और उपभोक्ताओं पर बोझ दोनों बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
