भारत बनेगा तेल का पावरहाउस? ONGC चेयरमैन ने कहा देश के हर संसाधन का इस्तेमाल करना अब वक्त की जरूरत

ओएनजीसी के चेयरमैन और सीईओ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भारत को घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है और देश में जहां भी तेल एवं गैस के संसाधन हैं, उनका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनी ओएनजीसी के चेयरमैन और सीईओ अरुण कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न ऊर्जा गतिरोध के बाद भारत को तेल एवं गैस की आपूर्ति के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की अपनी जरूरतों का करीब आधा एवं गैस का 30 प्रतिशत और एलपीजी का 85-90 प्रतिशत पश्चिम एशिया से आयात करने वाले भारत को ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए रणनीतिक भंडारण क्षमता बढ़ानी चाहिए।

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ONGC चेयरमैन ने कहा देश के हर संसाधन का इस्तेमाल करना अब वक्त की जरूरत (Photo: iStock)

पश्चिम एशिया से संसाधनों के भरोसे रहना ठीक नहीं

पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के एक कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि खाड़ी देशों से निर्यात के लिए उपयोग होने वाला प्रमुख समुद्री मार्ग के छह सप्ताह तक बंद रहने से कई आयातक देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया और भारत को भी गैस आपूर्ति में प्राथमिकता तय करनी पड़ी। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के प्रमुख ने कहा, "यह मानकर चलना कि पश्चिम एशिया हमारे नजदीक है और वहां से संसाधन आसानी से मिल जाएंगे, अब सही नहीं रह गया है।" सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और बढ़ते तनाव ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थापित धारणाओं को कमजोर कर रहे हैं।

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