NSE IPO की राह हुई आसान! SEBI जल्द दे सकता है NOC

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) इस महीने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) प्राप्त कर सकता है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को बताया कि नियामक जल्द ही एनएसई को एनओसी जारी कर सकता है। चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इससे एनएसई अपने आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा।

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) जल्द ही अपने आईपीओ (इनीशियल पब्लिक ऑफर) को लेकर बड़ा कदम उठाने वाला है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) इस महीने एनएसई को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) दे सकता है। यह जानकारी सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को दी। चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पांडे ने बताया कि एनएसई को एनओसी मिलने के बाद वह अपने आईपीओ को बाजार में लाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि अप्रूवल महीने के आखिर तक मिल सकता है, जिसके बाद लिस्टिंग प्रोसेस आगे बढ़ाना पूरी तरह एनएसई पर निर्भर करेगा।

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सेबी की मंजूरी के बाद एनएसई करेगा आईपीओ लॉन्च (तस्वीर-istock)

आईपीओ के रास्ते में अटका मामला

आईएएनएस रिपोर्ट के मुताबिक एनएसई का आईपीओ पिछले कई सालों से अटका हुआ था। इसका कारण वह विवाद है जिसे ‘डार्क फाइबर केस’ कहा जाता है। इसमें आरोप थे कि 2010 से 2014 के बीच कुछ हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स को एनएसई के को-लोकेशन सर्वर तक विशेष एक्सेस दी गई। इसका मतलब था कि कुछ ट्रेडर्स को दूसरे निवेशकों की तुलना में तेजी से ट्रेड करने का फायदा मिला। सेबी ने अप्रैल 2019 में इस मामले में एनएसई को कथित गैर-कानूनी मुनाफे के रूप में 62.58 करोड़ रुपए वापस करने का आदेश दिया। इसके अलावा, कुछ सीनियर अधिकारियों को बाजार से जुड़े पदों पर काम करने से भी रोका गया। 2022 में सेबी ने एक्सचेंज पर 7 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था, लेकिन बाद में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने इसे रद्द कर दिया।

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