भारत की सबसे मूल्यवान अनलिस्टेड कंपनी जल्द हो सकती है लिस्ट, NSE IPO को SEBI की मंजूरी का इंतजार, जानें मुख्य बातें

भारत की सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध कंपनी NSE का IPO अब सेबी की अंतिम मंजूरी के करीब है। 2016 से लंबित इस IPO को लेकर निवेशक उत्साहित हैं, क्योंकि NSE का मार्केट शेयर, मुनाफा और निवेशक आधार सभी क्षेत्रों में रिकॉर्ड बना रहे हैं। यदि सेबी से हरी झंडी मिलती है, तो यह IPO भारत के पूंजी बाजार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), अपने आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) को लेकर सेबी की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने संकेत दिए हैं कि लंबित मुद्दे जल्द सुलझ सकते हैं, जिससे NSE का IPO मार्ग प्रशस्त हो सकता है। पांडे ने कहा, "सभी लंबित मुद्दों को जल्द सुलझा लिया जाएगा और हम आगे बढ़ेंगे।"

IPO

सेबी की मंजूरी की ओर बढ़ता NSE का बहुप्रतीक्षित आईपीओ।

भारत की सबसे मूल्यवान अनलिस्टेड कंपनी

साल 2024 में NSE का मूल्यांकन ₹4.7 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जिससे यह Serum Institute को पछाड़कर भारत की सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध कंपनी बन गई। यह दुनिया के शीर्ष 10 स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल हो चुका है। जबकि BSE वर्ष 2017 में सूचीबद्ध हो गया था, NSE का IPO वर्ष 2016 से लंबित है। मार्च 2025 में NSE ने सेबी को नए सिरे से आवेदन सौंपा है।

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