भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), अपने आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) को लेकर सेबी की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने संकेत दिए हैं कि लंबित मुद्दे जल्द सुलझ सकते हैं, जिससे NSE का IPO मार्ग प्रशस्त हो सकता है। पांडे ने कहा, "सभी लंबित मुद्दों को जल्द सुलझा लिया जाएगा और हम आगे बढ़ेंगे।"
सेबी की मंजूरी की ओर बढ़ता NSE का बहुप्रतीक्षित आईपीओ।
भारत की सबसे मूल्यवान अनलिस्टेड कंपनी
साल 2024 में NSE का मूल्यांकन ₹4.7 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जिससे यह Serum Institute को पछाड़कर भारत की सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध कंपनी बन गई। यह दुनिया के शीर्ष 10 स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल हो चुका है। जबकि BSE वर्ष 2017 में सूचीबद्ध हो गया था, NSE का IPO वर्ष 2016 से लंबित है। मार्च 2025 में NSE ने सेबी को नए सिरे से आवेदन सौंपा है।
नंबरों में NSE की ताकत
आकर्षक प्रदर्शन और निवेशकों का भरोसा
NSE का वित्तीय प्रदर्शन और व्यापक निवेशक आधार इसे भारत का सबसे बहुप्रतीक्षित IPO बनाते हैं। आने वाले समय में यदि सेबी से मंजूरी मिलती है, तो यह IPO भारतीय पूंजी बाजार में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
