Nominee vs Joint Account Holder: बैंक अकाउंट खुलवाते समय आपने नॉमिनी (Nominee) और ज्वाइंट होल्डर (Joint Holder) जैसे शब्द जरूर सुने होंगे। लेकिन इन दोनों का मतलब क्या है और इनके बीच क्या अंतर है, इसे लेकर बहुत से लोग कंफ्यूज रहते हैं। कई लोगों को लगता है कि अगर किसी व्यक्ति को बैंक अकाउंट में Nominee बनाया गया है तो वह अकाउंट का Joint Holder भी है। हालांकि, ऐसा नहीं है।
Nominee और Joint Account Holder में क्या अंतर (AI Generated Image)
Nominee और Joint Holder बैंक अकाउंट से जुड़े दो अलग-अलग कॉन्सेप्ट हैं। दोनों की भूमिका और अधिकार अलग होते हैं। इस आर्टिकल में आपको इन दोनों ही टर्म्स के बीच अंतर समझा रहे हैं-
Joint Holder क्या होता है?
जब बैंक अकाउंट एक से ज्यादा लोगों के नाम पर खोला जाता है तो उन लोगों को Joint Account Holders कहा जाता है। उदाहरण के लिए अगर पति-पत्नी ने मिलकर एक Joint Bank Account खुलवाया है और दोनों के नाम अकाउंट में दर्ज हैं, तो दोनों अकाउंट होल्डर हैं। अकाउंट के संचालन का तरीका बैंक और चुने गए ऑपरेशन मोड पर निर्भर करता है।
Joint Account में बैंक की ओर से तय नियमों के मुताबिक दोनों खाताधारकों को अकाउंट से जुड़े कुछ अधिकार मिल सकते हैं।
Nominee कौन होता है?
वहीं, दूसरी ओर बैंक अकाउंट में Nominee उस व्यक्ति को बनाया जा सकता है, जिसे खाताधारक अपनी मृत्यु के बाद खाते में मौजूद रकम के लिए नामित करता है। उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी व्यक्ति ने अपने बैंक अकाउंट में अपने बेटे या बेटी को Nominee बनाया है। इसका मतलब यह नहीं है कि Nominee को खाताधारक की जिंदगी में अकाउंट पर Joint Holder जैसे अधिकार मिल जाते हैं।
Nominee की भूमिका मुख्य रूप से खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक की रकम के दावे की प्रक्रिया में सामने आती है। बैंक के नियमों और लागू कानून के अनुसार रकम का भुगतान या ट्रांसफर किया जाता है।
किसे कौन-से अधिकार मिलते हैं
अगर किसी व्यक्ति को बैंक अकाउंट में Nominee बनाया गया है तो वह आमतौर पर खाताधारक के जीवित रहते केवल Nominee होने के आधार पर अकाउंट से पैसे निकालने या उसे संचालित करने का अधिकार नहीं पाता।वहीं Joint Holder अकाउंट का सह-खाताधारक होता है और उसे मिलने वाले अधिकार अकाउंट के ऑपरेशन मोड और बैंक के नियमों पर निर्भर करते हैं।
क्या Nominee ही पैसे का अंतिम मालिक होता है?
यहां भी लोगों को अक्सर भ्रम होता है। किसी व्यक्ति को Nominee बनाने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि वही व्यक्ति मृतक की संपत्ति का अंतिम और एकमात्र मालिक बन जाता है। बैंकिंग प्रक्रिया में Nominee को रकम प्राप्त करने की सुविधा मिल सकती है, लेकिन रकम पर अंतिम अधिकार से जुड़े सवाल उत्तराधिकार कानून और दूसरे कानूनी दस्तावेजों पर निर्भर कर सकते हैं।
