No Future for Petrol and Diesel Vehicles in India: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भविष्य में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों (Petrol and Diesel Vehicles) की कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने ऑटोमोबाइल उद्योग से साफ तौर पर अपील की है कि वे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करें और तेजी से स्वच्छ व वैकल्पिक ईंधनों की ओर बढ़ें।
No Future For Petrol And Diesel Vehicles (iStock)
पेट्रोल और डीजल पर्यावरण के लिए हानिकारक
यह बयान उन्होंने एक उद्योग सम्मेलन के दौरान दिया, जहां उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि भारत की आयात पर निर्भरता भी बढ़ाते हैं। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि देश को अब साफ, सस्ते और घरेलू स्तर पर उपलब्ध ईंधनों की दिशा में आगे बढ़ना होगा।बायोफ्यूल, सीएनजी- एलएनजी भविष्य का ईंधन
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने खास तौर पर बायोफ्यूल, सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन जैसे विकल्पों को भविष्य का ईंधन बताया।No Future For Petrol And Diesel Vehicles (Photo: iStock)
उनका कहना है कि ये विकल्प न केवल प्रदूषण कम करेंगे, बल्कि देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर भी बनाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार पहले ही हाइड्रोजन मोबिलिटी को लेकर पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू कर चुकी है और कई कंपनियां इस दिशा में काम कर रही हैं।
नए ईंधन विकल्पों पर हो रही रिसर्च
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यह भी बताया कि भारत में कई बड़ी ऑटो कंपनियां जैसे टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अशोक लेलैंड पहले से ही नए ईंधन विकल्पों पर रिसर्च और टेस्टिंग कर रही हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इथेनॉल (Ethanol) भी एक अहम विकल्प
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इथेनॉल (Ethanol) को भी एक अहम विकल्प बताया। उनका मानना है कि इथेनॉल जैसे बायोफ्यूल का इस्तेमाल बढ़ाने से किसानों को भी फायदा होगा और देश का विदेशी तेल पर खर्च कम होगा। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पेट्रोल और डीजल वाहनों पर तुरंत कोई प्रतिबंध लगाया जाएगा, लेकिन उनका जोर इस बात पर है कि धीरे-धीरे इन वाहनों की जगह स्वच्छ ईंधन वाले वाहन ले लेंगे।
भारत के परिवहन क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव?
हालांकि, माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री गडकरी का यह बयान भारत के परिवहन क्षेत्र में आने वाले बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। सरकार अब ऐसे विकल्पों को बढ़ावा देना चाहती है, जो पर्यावरण के अनुकूल हों, सस्ते हों और देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करें। आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और बायोफ्यूल आधारित वाहन भारतीय सड़कों पर अधिक संख्या में दिखाई दे सकते हैं, जिससे प्रदूषण कम होगा और ट्रांसपोर्ट सिस्टम अधिक सस्टेनेबल बन सकेगा।
