Nikhil Kamath Young Billionaire: ऑनलाइन ब्रोकिंग फर्म जीरोधा (Zerodha) के फाउंडर को बचपन से ही स्कूल की पढ़ाई पसंद नहीं थी। उन्होंने पढ़ाई छोड़कर काम करना शुरू कर दिया था। कामत ने अपने एक हालिया पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया था। कामत ने कहा कि स्कूल आपको एक बने-बनाए पुराने ढर्रे पर चलाते हैं। वह आपको एक ऐसा व्यक्ति बना देते हैं, जिसके अंदर कुछ अलग करने की इच्छा नहीं होती है। और वह समाज के बाकी लोगों की तरह सोचने और व्यवहार करते हैं। कामत ने ऐसे व्यक्ति को कन्फॉर्मिस्ट (conformist) या अनुरुपतावादी कहा है। कामत ने कहा कि हालांकि अब स्कूल को लेकर लोगों के विचार थोड़े-थोड़े बदल रहे हैं।
ऑनलाइन ब्रोकिंग फर्म जीरोधा (Zerodha) के फाउंडर
गिनाएं स्कूल के अनुभव
कामत ने अपने स्कूल के अनुभव के बारे में यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा, "मैं एक बहुत खराब स्कूल में गया था। मुझे अपने स्कूल, अपने टीचरों से नफरत थी। मैं उन चीजों से डरते हुए बड़ा हुआ, जिनसे मुझे नहीं डरना चाहिए। मुझे अपने क्लास टीचर और स्कूल के कई अन्य टीचरों से डर लगता था। मैंने 10वीं के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया था। मैं स्कूल नहीं जाता था। इसकी जगह मैंने काम और बाकी सारी चीजें करनी शुरू कर दी थीं।"
सबकुछ स्कूल के होते हैं विचार-कामत
कामत ने कहा कि उन्हें अभी भी याद है कि स्कूल में किस तरह उन लोगों को अनुरुपतावादी होना सिखाया जाता था। कामत ने कहा, "हमें क्या होना चाहिए, क्या सीखना चाहिए, कैसे अच्छी नौकरी पानी चाहिए, कैसे सफल होना चाहिए, यह सबकुछ स्कूल के विचार होते थे।" उन्होंने कहा, "लेकिन आज की दुनिया में ये सारे विचार तेजी से बदल रहे हैं। मुझे नहीं लगता है कि आज से 10 साल बाद अब पुराने ढर्रे पर चलकर सफलता पा सकते हैं।"
