US-Iran War से लेकर टैरिफ के झटकों को झेलते हुए शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स Nifty में लगातार 6 सप्ताह की बड़ी गिरावट आई। लेकिन, अप्रैल का दूसरा सप्ताह निफ्टी के रिवर्सल के नाम रहा है। 6 से 10 अप्रैल के दौरान Nifty Weekly Rally ने 1,449.30 अंक यानी 6.41% की तेजी दिखाई है। यह फरवरी 2021 के बाद निफ्टी में आई सबसे बड़ी रिकवरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर यह मोमेंटम जारी रहा तो निफ्टी नए ऑल-टाइम हाई की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, Q4 रिजल्ट्स और ग्लोबल अनिश्चितताओं को देखते हुए सावधानी जरूरी है। लंबी अवधि के निवेश और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन को अभी भी सबसे सुरक्षित रणनीति माना जा रहा है।
इस सप्ताह निफ्टी ने लगाई ऊंची छलांग
बाजार में लौटी जान
US-Iran तनाव और ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच लगातार 6 हफ्तों तक दबाव झेलने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की। 6 से 10 अप्रैल के दौरान निफ्टी में 1,449.30 अंकों यानी 6.41% की तेजी आई, जो फरवरी 2021 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है। मार्च की कमजोरी के बाद अप्रैल में यह रैली निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इंडेक्स ने न सिर्फ गिरावट का सिलसिला तोड़ा बल्कि 1 महीने के हाई तक पहुंच गया।
ब्रॉड मार्केट में जबरदस्त खरीदारी
इस हफ्ते की तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी के 50 में से 45 से ज्यादा शेयर हरे निशान में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जहां 90% से ज्यादा स्टॉक्स पॉजिटिव क्लोजिंग के साथ बंद हुए।
सेक्टरल रैली ने दी ताकत
इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान रियल्टी और ऑटो सेक्टर का रहा। रियल्टी इंडेक्स ने सितंबर 2021 के बाद सबसे बड़ी तेजी दर्ज की, जिसमें Macrotech Developers और Anant Raj जैसे शेयरों ने अगुवाई की। वहीं ऑटो सेक्टर 10% से ज्यादा उछला, जो पिछले 6 सालों का बेस्ट प्रदर्शन रहा। बैंकिंग, PSU बैंक, IT और FMCG सेक्टर में भी खरीदारी का अच्छा माहौल बना रहा, जिससे रैली और मजबूत हुई।
₹29 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप
इस सप्ताह बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹29 लाख करोड़ बढ़ गया। यह आंकड़ा निवेशकों के भरोसे की वापसी का बड़ा संकेत है।
खासतौर पर FII बिकवाली के बावजूद बाजार मजबूत है। मार्च में विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली के बावजूद बाजार को घरेलू निवेशकों (DII) और रिटेल निवेशकों का मजबूत सपोर्ट मिला। रुपये की स्थिरता, ग्लोबल संकेतों में सुधार और घरेलू आर्थिक मजबूती ने इस रैली को सपोर्ट किया।
डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
