Nifty prediction for Monday (next week): भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 13 जून को काफी कमजोरी देखने को मिली। माहौल थोड़ा टेंशन वाला हो गया था क्योंकि ग्लोबल मार्केट्स से अच्छे संकेत नहीं मिले और ऊपर से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत भी अचानक बढ़ गई। इस सबके बीच इजराइल ने ईरान की राजधानी पर हमला कर दिया, जिससे भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया और इसका सीधा असर हमारे बाजार पर भी पड़ा।
सोमवार के लिए निफ्टी का अनुमान।
अब आंकड़ों की बात करें तो निफ्टी 50 करीब 170 अंक गिरकर 24,718.60 पर बंद हुआ और सेंसेक्स भी 573 अंक लुढ़ककर 81,118.60 तक आ गया। बैंकिंग सेक्टर भी अछूता नहीं रहा, निफ्टी बैंक करीब 555 अंक गिरकर 55,527.35 पर बंद हुआ।
अगर हम पूरे हफ्ते की परफॉर्मेंस देखें तो निफ्टी में 284 अंकों यानी 1.13% की गिरावट आई और सेंसेक्स तो 1,070 अंक यानी 1.30% तक टूट गया। कुल मिलाकर, बाजार पर ग्लोबल टेंशन और कच्चे तेल की महंगाई का दबाव साफ दिखा। अगले हफ्ते अगर जियोपॉलिटिकल हालात और बिगड़े, तो बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
तकनीकी संकेत: 24,400 पर मजबूत सपोर्ट, 24,850 पर 20-DMA
Yes Securities के टेक्निकल एनालिस्ट लक्ष्मीकांत शुक्ला का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,400 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट (support) की तरह काम कर रहा है। पिछली बार भी जब निफ्टी इस लेवल तक फिसला था, तो वहीं से बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली थी। अब अगर निफ्टी 24,400 के नीचे फिसलता है, तो माना जा रहा है कि मार्केट में और गिरावट आ सकती है। यानी ये लेवल एक तरह का "लक्ष्मण रेखा" है। इसके नीचे गया तो और नुकसान हो सकता है।
वो ये भी बताते हैं कि जब निफ्टी 25,200 के आसपास पहुंचा था, तब उसे जोरदार resistance मिला। मतलब वहां से ऊपर जाना मुश्किल हो गया, और फिर वहीं से correction (गिरावट) शुरू हो गई।
इस शुक्रवार को निफ्टी gap-down खुला और 24,850 के नीचे बंद हुआ, जो कि इसका 20-day moving average (20-DMA) है। टेक्निकल चार्ट के हिसाब से, ये थोड़ी चिंता की बात है क्योंकि जब कोई इंडेक्स 20-DMA के नीचे बंद होता है, तो ये कमजोर सिग्नल माना जाता है।
तो कुल मिलाकर, 24,400 सपोर्ट और 24,850 resistance के बीच निफ्टी एक रेंज में फंसा हुआ है। अगर सपोर्ट टूटता है तो गिरावट गहराएगी, और अगर ऊपर जाता है और 24,850 को पार करता है, तो फिर 25,000–25,200 की तरफ मूव कर सकता है।
आगामी सप्ताह में बाजार की चाल पर युद्ध संकट का असर
एनालिस्ट्स का साफ कहना है कि इजराइल और ईरान के बीच जो तनाव चल रहा है, उसका असर बाजार पर अगले हफ्ते भी बना रहेगा। अगर ये टकराव और बढ़ता है, तो निवेशकों में डर बना रहेगा और बिकवाली का दबाव भी बढ़ सकता है। यानी, बाजार में गिरावट की आशंका बनी रहेगी।
अब बात करें निफ्टी के अहम लेवल्स की, तो अगले हफ्ते के लिए दो चीजें खास हैं:
Support (समर्थन): 24,400
अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर बना रहता है, तो बाजार थोड़े समय के लिए कंसोलिडेशन यानी एक दायरे में घूमता रहेगा। यानी न बहुत तेजी, न बहुत गिरावट बस सीमित उतार-चढ़ाव।
Resistance (प्रतिरोध): 24,850 (20-DMA)
अगर निफ्टी 24,850 के ऊपर ठहरता है, तो उम्मीद है कि वो फिर से 25,000 से 25,200 तक की रैली कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे, 25,200 पर एक बार फिर से ज़ोरदार रुकावट आ सकती है। पिछली बार भी यहीं से निफ्टी नीचे फिसला था।
तो भाई, इस हफ्ते की चाल geopolitical स्थिति और इन टेक्निकल लेवल्स पर टिकेगी। अगर सपोर्ट और रेसिस्टेंस दोनों मजबूत रहते हैं, तो ट्रेडिंग करने वालों के लिए बढ़िया मौके मिल सकते हैं। लेकिन सावधानी जरूरी है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
