रियल्टी सेक्टर में नया खेल? इमेज खराब कर सस्ते में फ्लैट हड़प रहा गिरोह, हैरान कर देगी इनसाइड स्टोरी

दिल्ली-एनसीआर में आपको भले ही प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छूती दिखें। लेकिन, एक गैंग ऐसा भी है, जिसने बिल्डरों की नींद हराम कर दी है और आम लागों की तुलना में बेहद सस्ते में फ्लैट खरीद रहा है।

अगर आप दिल्ली-NCR में अपने सपनों का घर ढूंढ रहे हैं, तो एक बार ये जरूर पढ़ लें। क्योंकि, आपने जिस प्रॉजेक्ट के बारे में सिर्फ नेगेटिव बातें सुनी हैं और सोशल मीडिया पर सिर्फ बुराइयां देखी हैं, तो हो सकता है कि वह एक ऐसे सिंडिकेट का शिकार हो। क्योंकि, रियल्टी मार्केट में इन दिनों एक ऐसा संगठित ‘कॉपोरेट सिंडिकेट’ सक्रिय है, जो न सिर्फ बिल्डरों की रीढ़ तोड़ रहा है, बल्कि आम होम बायर्स की जेब पर भी डाका डाल रहा है। नए प्रोजेक्ट्स की कम लॉन्चिंग का फायदा उठाकर कुछ प्रॉपर्टी ब्रोकर्स और कथित इन्वेस्टर सिंडिकेट ने ब्लैकमेलिंग का यह नया धंधा शुरू किया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, नोएडा एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम से लेकर भिवाड़ी और पानीपत तक के बड़े रियल्टी हब्स में 5 से 10 ब्रोकर्स के गुट मिलकर इस खेल को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं।

real estate scam

रियल एस्टेट में बड़ा स्कैम

कैसे काम करता है कथित मॉडल?

रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों के मुताबिक, शुरुआत सामूहिक बुकिंग से होती है। 5 से 10 ब्रोकर या उनसे जुड़े लोग किसी नए प्रोजेक्ट में बड़ी संख्या में फ्लैट बुक कर लेते हैं। शुरुआत में यह सामान्य निवेश रणनीति जैसी दिखाई देती है। इसके बाद कथित तौर पर प्रोजेक्ट की गुणवत्ता, फिनिशिंग, निर्माण में देरी, सुविधाओं या अन्य तकनीकी पहलुओं को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते हैं। आरोप है कि इसके जरिए बिल्डर पर प्रति फ्लैट 20 से 25 लाख रुपये तक कीमत घटाने का दबाव बनाया जाता है।

End of Feed