New Rules On Online Gaming: वित्त मंत्रालय ने ई-गेमिंग, कैसिनो और घुड़सवारी के लिए जीएसटी कानून के संशोधित प्रावधानों को एक अक्टूबर से लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। केंद्रीय जीएसटी अधिनियम में संशोधनों के अनुसार ई-गेमिंग, कैसिनो और घुड़सवारी को लॉटरी, सट्टेबाजी तथा जुए की तरह ‘कार्रवाई योग्य दावों’ के रूप में देखा जाएगा और उस पर 28 प्रतिशत जीएसटी की देनदारी होगी।एकीकृत जीएसटी कानून में संशोधनों के अनुसार विदेशी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिए भारत में पंजीकरण कराना और घरेलू कानून के अनुसार कर का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम
अब इस तरह कैलकुलेट होगा टैक्स
अभी ऑनलाइन गेमिंग के तहत किसी कंपनी को खेलने के लिए यूजर से फीस के रूप में 100 रुपए मिलते हैं, तो वे 'प्लेटफॉर्म फीस' के रूप में लगभग 10 कमाते हैं। पुराने नियम के तहतअब तक कंपनी कमाए हुए 10 रुपये पर18 फीसदी जीएसटी देना पड़ता था। जबकि नई टैक्स व्यवस्था में पूरे 100 रुपए पर 28 फीसदी जीएसटी देना होगा। यानी कंपनियों की कमाई पर सीधी चोट लगेगी। इसीलिए कंपनियां इस फैसले से रोजगार पर असर पड़ने की बात कह रही हैं।
कंपनियों को मिला है टैक्स नोटिस
जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGCI) ने लगभग 55,000 करोड़ रुपये का जीएसटी (GST) बकाया वसूलने के लिए ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) कंपनियों को पूर्व-कारण बताओ नोटिस भेजे हैं। इनमें फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ड्रीम 11 को 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी नोटिस भेजा गया है, जो संभवतः देश में दिया गया सबसे बड़ा इनडायरेक्ट टैक्स नोटिस है। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी कोर्ट पहुंच गई है।
