RBI के नए नियमों से बदल जाएगा FD का गणित? जानिए आपकी सेविंग्स पर क्या होगा असर

अगर आप भविष्य में एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो आपको भी आरबीआई के नए नियमों के बारे में जानना चाहिए। नए नियमों के तहत बैंक लिक्विडिटी रिस्क प्रोफाइल के आधार पर बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरें तय कर सकेंगे।

अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करते हैं या भविष्य में बड़ी राशि जमा करने की योजना बना रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए काम की साबित हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बल्क डिपॉजिट (Bulk Deposits) से जुड़े नियमों में बदलाव कर रहा है। नए नियमों के तहत अब बैंक लिक्विडिटी रिस्क प्रोफाइल (Liquidity Risk Profile) के आधार पर बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरें तय कर सकेंगे। हालांकि, RBI ने यह भी साफ कर दिया है कि समान राशि और समान श्रेणी वाले डिपॉजिट पर ग्राहकों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता।

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आरबीआई के नए नियमों का एफडी की ब्याज दरों पर पड़ेगा प्रभाव? (AI Generated Image)

यह बदलाव लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) फ्रेमवर्क के तहत किया जा रहा है, जो कि 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है। इसका उद्देश्य बैंकों को अपनी फंडिंग और जोखिम प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की सुविधा देना है।

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