New Labour Code: अब ज्यादा छुट्टियां, कम वर्कलोड! जानें कैसे बदलेगी आपकी छुट्टियों की सिस्टम

New Labour Code: नया लेबर कोड कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशख़बरी लाने वाला है। अब छुट्टियां लेना आसान होगा, वर्कलोड कम होगा और छुट्टियों का पूरा सिस्टम पहले से ज्यादा लचीला और फायदेमंद बन जाएगा। आइए बताते हैं नए नियम आपकी रोज़मर्रा की नौकरी और वर्क–लाइफ बैलेंस को कैसे बदल देंगे।

देश में नए लेबर कोड को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही है। सरकार ने इन कोड्स के जरिए ऐसे बड़े बदलाव पेश किए हैं, जो सीधे तौर पर कर्मचारियों की नौकरी, सैलरी, छुट्टियों और वर्क–लाइफ बैलेंस पर असर डालेंगे। कई दशकों बाद कर्मचारियों से जुड़े नियमों को एक नई दिशा दी जा रही है ताकि काम करने वालों के अधिकार मजबूत हों और कंपनियों में पारदर्शिता बढ़े। सबसे बड़ी बात यह है कि नए लेबर कोड में छुट्टियों के सिस्टम और काम के घंटों को काफी स्पष्ट बनाया गया है।

Jobs

टेक-होम कम, PF और ग्रेच्युटी ज्यादा

सबसे पहले असर सैलरी स्ट्रक्चर पर देखने को मिलेगा। नए लेबर कोड में कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी कुल वेतन के 50% से कम नहीं हो सकती। इसका मतलब यह है कि टेक-होम यानी हाथ में आने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है क्योंकि PF और ग्रेच्युटी में कटौती बढ़ जाएगी। लेकिन इसका फायदा लंबे समय में मिलेगा, क्योंकि PF और रिटायरमेंट फंड पहले से ज्यादा मजबूत होगा। जैसे—अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपये है और पहले उसका बेसिक 20,000 था, तो अब इसे बढ़ाकर 25,000 करना होगा। इससे PF और ग्रेच्युटी दोनों बढ़ेंगे और रिटायरमेंट के समय रकम भी अधिक मिलेगी।

End of Feed