1 अप्रैल से बदल गए ग्रेच्युटी के नियम: जानें टेक-होम सैलरी और रिटायरमेंट फंड पर क्या होगा असर

New Gratuity Rules 2026: 1 अप्रैल 2026 से नौकरीपेशा लोगों के लिए सैलरी का गणित पूरी तरह बदल गया है। नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी (Gratuity) के नियमों में हुए बदलावों पर सभी की नजर बनी हुई है। सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि अब आपकी बेसिक सैलरी कुल सीटीसी (CTC) का 50% होना अनिवार्य होगा, जिसका सीधा असर आपकी ग्रेच्युटी की रकम पर पड़ेगा।

New Gratuity Rules 2026: नए महीने की शुरुआत के साथ अब नौकरी करने वाले लोगों के लिए ग्रेच्युटी की परिभाषा बदल चुकी है। पिछले साल पेश नए लेबर कोड्स के तहत अब भारतीय कर्मचारियों को ग्रेच्युटी की अधिक राशि मिल सकती है।

New Gratuity Rules 2026

बदल गया Gratuity का गणित (Photo: iStock)

ग्रेच्युटी की कैलकुलेशन

नए स्ट्रक्चर के अनुसार, अब ग्रेच्युटी की गणना के लिए वेतन में बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA) और रिटेनिंग अलाउंस शामिल होंगे और इनका कुल योग कर्मचारी के कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना अनिवार्य है। नए ग्रेच्युटी नियमों के बाद कर्मचारियों को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा ग्रेच्युटी मिल सकती है। आसान भाषा में समझें तो पहले कई कंपनियां बेसिक सैलरी कम रखती थीं (जैसे CTC का 30%) और बाकी पैसा अलग-अलग भत्तों में देती थीं, जिससे ग्रेच्युटी कम बनती थी। अब नए नियम के अनुसार वेतन (बेसिक + DA आदि) को CTC का कम से कम 50% रखना से ग्रेच्युटी का आधार बढ़ जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर पहले किसी कर्मचारी की ग्रेच्युटी 1.44 लाख रुपए बनती थी, तो नए नियम के बाद वही बढ़कर करीब 2 लाख रुपए से ज्यादा हो सकती है।

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