Multi-Cap vs Flexi-Cap Funds: असली फर्क क्या है और निवेश के लिए कौन बेहतर? समझें

अक्सर निवेशक स्कीम चुनने को लेकर पास्ट रिटर्न के फैक्टर को अहमियत देता है और इस तरह, उनके रिस्क टोलरेंस, निवेश की अवधि और लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल लक्ष्यों को नजरअंदाज हो जाती हैं। जबकि निवेश के लिए एक सही स्कीम को चुनने के लिए ये सभी फैक्टर मायने रखते हैं।

म्यूचुअल फंड्स निवेश का सबसे आसान तरीका माना जाता है। हालांकि, यह बहुत हद तक इतना भी आसान नहीं है। खासकर पहली बार निवेश करने वालों के लिए शुरुआती प्रक्रिया कुछ मुश्किल हो सकती है। यह परेशानी म्यूचुअल फंड योजनाओं की 2000 से अधिक संख्या की वजह से आती है। ये योजनाएं इक्विटी स्कीम्स, डेब्ट फंड्स, हाइब्रिड स्कीम्स और अन्य कैटेगरी में उपलब्ध होती हैं। वहीं, प्रत्येक कैटेगरी में फ्लेक्सी-कैप फंड, लार्ज-कैप फंड, मल्टी-कैप फंड और अन्य जैसे सब कैटेगरी भी मौजूद होती हैं। ऐसे में अक्सर निवेशक स्कीम चुनने में उनके रिस्क टोलरेंस, निवेश की अवधि और लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल लक्ष्यों को नजरअंदाज कर देता है।

Multi Cap vs Flexi Cap Funds

निवेश के लिए मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड में अंतर को समझना बेहद महत्वपूर्ण है। (Photo : iStock)

इस आर्टिकल में मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड में अंतर ही समझाने जा रहे हैं ताकि आप अपने लिए निवेश को लेकर एक सही फंड को चुन सकें।

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