Moody’s India GDP Forecast:मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने साल 2023 के लिए भारत के ग्रोथ रेट के अनुमान को 4.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। यह बढ़ोतरी बजट में पूंजीगत खर्च में तेज वृद्धि और बेहतर आर्थिक हालात के मद्देनजर की गई है। हालांकि साल 2022 में ग्रोथ रेट के अनुमान को मूडीज ने सात फीसदी से घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया है।
भारतीय इकोनॉमी तेज होगी रफ्तार
भारत से क्यों है उम्मीदें
भारत को लेकर मूडीज ने कहा है कि 'वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में पूंजीगत खर्च के लिए आवंटन (जीडीपी का 3.3 प्रतिशत) में तेज बढ़ोतरी की गई। जो कि बीते वित्त वर्ष के 7,500 अरब रुपये से बढ़कर 10,000 अरब रुपये हो गया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि ऐसे में रियल जीडीपी ग्रोथ 2023 में 0.70 फीसदी अधिक यानी 5.5 फीसदी रह सकती है। इसके 2024 में 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एजेंसी ने यह भी कहा है कि साल 2022 की दूसरी छमाही में मजबूत आंकड़े इस बात की उम्मीद जताते हैं कि 2023 में भारत का प्रदर्शन मजबूत रहेगा।मूडीज ने कहा कि भारत सहित कई बड़े उभरते बाजार वाले देशों में आर्थिक गति पिछले साल अनुमान से अधिक मजबूत रही है।
मूडीज ने इसके अलावा अमेरिका, कनाडा, यूरोप, रूस, मैक्सिको और तुर्किये सहित कई जी20 अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ अनुमान को बढ़ाया है। वर्ष 2022 के मजबूत अंत के चलते यह बढ़ोतरी की गई है।
भारत की तीसरी तिमाही में 4.4 फीसदी रही ग्रोथ
इस बीच भारत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही में घटकर 4.4 फीसदी पर आ गई है। इसकी प्रमुख वजह विनिर्माण क्षेत्र का खराब प्रदर्शन रहा है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में 1.3 फीसदी ग्रोथ रही थी। NSSO द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष 2021-22 की समान तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 11.2 फीसदी की दर से बढ़ी थी, वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी रही थी।
