Return Filing: कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए वित्त वर्ष 2024-25 से जुड़ी वार्षिक फाइलिंग की समयसीमा बढ़ा दी है। अब कंपनियां अपने वित्तीय विवरण और वार्षिक रिटर्न 31 जनवरी 2026 तक दाखिल कर सकेंगी। पहले यह अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 थी। मंत्रालय का यह फैसला कंपनियों और पेशेवरों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद आया है।
कंपनियों के लिए खुशखबरी: FY25 की वार्षिक फाइलिंग की समयसीमा बढ़ी (तस्वीर-istock)
कंपनियों के लिए बड़ी राहत
एमसीए के इस फैसले से देशभर की लाखों कंपनियों को राहत मिली है। समयसीमा बढ़ने से वे बिना किसी जल्दबाजी के अपने जरूरी दस्तावेज तैयार कर सकेंगी। खास बात यह है कि इस बढ़ी हुई अवधि में फाइलिंग करने पर कंपनियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
किन दस्तावेजों की फाइलिंग की बात
यह विस्तार कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत आने वाले वित्तीय विवरण और वार्षिक रिटर्न से जुड़ा है। इसमें कंपनियों को अपनी बैलेंस शीट, लाभ-हानि खाता और अन्य जरूरी जानकारियां एमसीए पोर्टल पर जमा करनी होती हैं। यह प्रक्रिया हर साल सभी पंजीकृत कंपनियों के लिए अनिवार्य होती है।
पहले क्या थी समयसीमा
इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 की वार्षिक फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी। कई कंपनियां इस तय समय में फाइलिंग पूरी नहीं कर पा रही थीं। ऐसे में समयसीमा बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही थी, जिस पर अब मंत्रालय ने सकारात्मक फैसला लिया है।
हितधारकों की मांग पर लिया गया फैसला
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मंत्रालय ने साफ किया है कि यह निर्णय विभिन्न हितधारकों से मिले आवेदनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कई कंपनियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेटरी जैसे पेशेवरों ने फाइलिंग सिस्टम से जुड़ी तकनीकी और प्रक्रियागत समस्याओं की शिकायत की थी।
तकनीकी दिक्कतें बनीं बड़ी वजह
कई कंपनियों ने बताया कि एमसीए पोर्टल पर ई-फॉर्म भरते समय तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। इसके अलावा, नए फॉर्मेट और प्रक्रियाओं को समझने में भी समय लग रहा था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए मंत्रालय ने कंपनियों को अतिरिक्त समय देने का फैसला किया।
किन ई-फॉर्म पर मिलेगी छूट
एमसीए के परिपत्र के अनुसार, बिना अतिरिक्त शुल्क के जिन ई-फॉर्म को दाखिल किया जा सकता है, उनमें एमजीटी-7, एमजीटी-7ए, एओसी-4, एओसी-4 सीएफएस, एओसी-4 एनबीएफसी (इंड एएस), एओसी-4 सीएफएस एनबीएफसी (इंड एएस) और एओसी-4 (एक्सबीआरएल) शामिल हैं। इससे अलग-अलग तरह की कंपनियों को फायदा मिलेगा।
सोशल मीडिया पर भी दी जानकारी
मंत्रालय ने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा की है। पोस्ट में बताया गया कि कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत वित्त वर्ष 2024-25 के लिए फाइलिंग की समयसीमा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त शुल्क से छूट दी गई है।
कंपनियों और पेशेवरों को क्या फायदा
इस फैसले से न सिर्फ कंपनियों को, बल्कि उनसे जुड़े पेशेवरों को भी राहत मिली है। अब वे बिना दबाव के सही और पूरी जानकारी के साथ फाइलिंग कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अनुपालन की गुणवत्ता बेहतर होगी और कंपनियां किसी तरह के जुर्माने से भी बच सकेंगी।
