Maruti Suzuki Share Wealth Creation Story। अगर 10 साल पहले आपने मारुति सुजुकी की कोई 5 लाख रुपये की कार खरीदी होती, तो उसकी वैल्यू 1 से 1.5 लाख रुपये के बीच होती। वहीं, अगर आपने यह रकम मारुति सुजुकी के शेयरों में लगाई होती, तो यह रकम बढ़कर 25 लाख रुपये से ज्यादा हो गई होती। इस तरह आपके पास 5 लाख रुपये की एक कार खरीदने के बाद भी हाथ में 20 लाख रुपये बचते।
मारुति सुजुकी शेयर प्राइस
कहां से आया 5 के 25 लाख का गणित?
यह आंकड़ों की जादूगरी नहीं, बल्कि सीधा गणित है। 26 फरवरी, 2016 को Maruti Suzuki India Ltd का शेयर करीब 3,409 रुपये पर था। उस वक्त 5 लाख रुपये में करीब 147 शेयर खरीदे जा सकते थे। समय के साथ कंपनी के बिजनेस, मुनाफे और ऑटो सेक्टर की मजबूती ने निवेशकों को ऐसा रिटर्न दिया कि आज वही फैसला मिसाल बन गया है।
शेयर की रफ्तार, निवेश का गणित
वित्त वर्ष 2025–26 में मारुति सुजुकी का शेयर 17,370 रुपये तक का उच्च स्तर छू चुका है। इस भाव पर 2016 में खरीदे गए 147 शेयरों की मौजूदा कीमत करीब 25,47,518 रुपये बैठती है। यानी 5 लाख के शुरुआती निवेश पर करीब 20 लाख रुपये का शुद्ध फायदा। दूसरे शब्दों में कहें, तो आज वही निवेशक न सिर्फ 5 लाख रुपये की कार खरीद सकता है, बल्कि उसके हाथ में करीब 20 लाख रुपये अतिरिक्त भी बचते। बुधवार को मारुति सुजुकी के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। NSE पर यह शेयर बुधवार को 14,880 रुपये पर बंद हुआ। इसके हिसाब से देखें, तो यह रकम 21,87,360 रुपये बनती।
बिजनेस ग्रोथ ने दिया दमदार रिटर्न
मारुति सुजुकी के शेयर प्राइस की इस लंबी छलांग के पीछे कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल और लगातार बढ़ती बिक्री रही है। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंपनी की लीडरशिप बरकरार रही, वहीं एसयूवी और हाइब्रिड सेगमेंट में विस्तार ने वॉल्यूम और मार्जिन दोनों को सपोर्ट किया। लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल एफिशिएंसी ने मुनाफे को स्थिर रखा, जिसका असर सीधे शेयर प्राइस पर दिखा। कंपनी ने पिछले 10 वर्ष में 12% CAGR से सेल्स ग्रोथ हासिल की है। इसके अलावा प्रॉफिट में इस दौरान 14% CAGR से बढ़ोतरी हुई है, जबकि स्टॉक प्राइस 12% CAGR से बढ़ा है।
| अवधि | Sales Growth CAGR | Profit Growth CAGR | Stock Price CAGR | Return on Equity CAGR |
|---|---|---|---|---|
| 10 Years | 12% | 14% | 12% | 16% |
| 5 Years | 15% | 21% | 15% | 11% |
| 3 Years | 20% | 56% | 17% | 7% |
| 1 Year | 8% | 8% | 17% | — |
Q3 नतीजों में दिखी नरमी
कंपनी के Q3 नतीजों में थोड़ी नरमी देखने को मिली है। हालांकि, रेवेन्यू ग्रोथ, स्थिर मार्जिन और मजबूत कैश फ्लो ने संकेत दिया कि मांग का ट्रेंड अभी कमजोर नहीं पड़ा है। ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों से रिकवरी के संकेत मिलने से ऑर्डर बुक और डिलीवरी आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। Q3 FY26 के लिए कंपनी ने नेट प्रॉफिट में 4.1% की ग्रोथ रिपोर्ट करते हुए 3,879.1 करोड़ का नेट कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। इसके अलावा ऑपरेटिंग रेवेन्यू 29.2% बढ़कर 47,537.2 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, आने वाले दिनों में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन्स पर नए लेबर कोड्स का असर देखने को मिल सकता है।
ब्रोकरेज का नजरिया
तमाम ब्रोकरेज हाउस अब भी कंपनी को लेकर लॉन्ग टर्म के लिए पॉजिटिव बने हुए हैं। उनका मानना है कि स्केल, ब्रांड वैल्यू और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के चलते मारुति सुजुकी आने वाले वर्षों में भी सेक्टर से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। हालांकि ऊंचे स्तरों पर वैल्यूएशन को लेकर सतर्कता की सलाह भी दी जा रही है। Trendlyne के कंसेंसस शेयर प्राइस टारगेट के मुताबिक मौजूदा लेवल से शेयर में 21% तक अपसाइड ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
