बाजार में डर का माहौल! स्मार्ट मनी का ‘Contra Funds’ पर दांव, क्या लॉन्ग टर्म एंट्री का सही मौका?

शेयर बाजार में जहां ज्यादातर निवेशकों में डर का माहौल है। वहीं, स्मार्ट मनी यानी बड़े और संस्थागत निवेशक कॉन्ट्रा फंड्स पर दांव लगा रहे हैं। क्या लॉन्ग टर्म एंट्री के लिए यह सही मौका है।

Share Market Investment Strategy शेयर बाजार में निवेश की रणनीति। भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी का P/E 20.3 के आसपास है। P/E वैल्यूएशन का एक अहम इंडिकेटर है। फिलहाल, यह बता रहा है कि Nifty अपने 5 साल के सबसे सस्ते लेवल के आसपास है। क्योंकि Nifty का 5 Years Median P/E 22.2 है। आम निवेशकों में निफ्टी की गिरावट जहां घबराहट बढ़ा रही है। क्योंकि, उन्होंने देश की 50 सबसे बड़ी कंपनियों के शेयरों में दांव लगाया है और इन कंपनियों के शेयर लुढ़क रहे हैं। लेकिन, दूसरी तरफ स्मार्ट मनी, यानी बड़े और संस्थागत निवेशक उन स्टॉक्स और फंड्स पर दांव लगा रहे हैं, जो लंबे समय से अंडरपरफॉर्मर रहे हैं और बेहद सस्ते मिल रहे हैं। इसे निवेश की भाषा में कॉन्ट्रा फंड्स पर दांव लगाना कहा जाता है।

Contra Funds

बड़े निवेशक देख रहे गिरते स्टॉक्स में मौका

क्या कहता है स्मार्ट मनी कंसेप्ट?

Smart Money Concept बताता है कि बड़े निवेशक शेयर बाजार या किसी एसेट क्लास में कब खरीदते या बेचते हैं। बड़े निवेशक मोटे तौर पर किसी स्टॉक की रुपये में कीमत देखने की जगह उसके वैल्यूएशन पर गौर करते हैं। मसलन, स्मार्ट मनी के नजरिये से यह ज्यादा मायने नहीं रखता है कि Nifty 22000 पर है या 25000 पर वे वैल्यूएशन के हिसाब से दांव लगाते हैं। अगर कंपनियों की भावी कमाई और ग्रोथ को लेकर संभावनाएं बेहतर हों, तो गिरते बाजार में कम P/E पर खरीदारी स्मार्ट मनी की पहली पसंद है। वहीं, अक्सर ये निवेशक जब बाजार शीर्ष पर होता है, तो बिकवाली करते हैं।

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