अब 45 दिन बाद ही बुक होगा LPG सिलेंडर, सरकार ने डिलीवरी समेत ये नियम भी बदले

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि रसोई गैस की डिमांड को संतुलित रखने के लिए शहरी इलाकों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन और ग्रामीण व दुर्गम इलाकों में 45 दिन का अंतर रखना होगा।

ईरान-इजरायल संकट के बीच भारत में रसोई गैस की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को संसद में स्पष्ट किया कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन 'पैनिक बुकिंग' (घबराहट में बुकिंग) और जमाखोरी को रोकने के लिए बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सप्लाई चेन सुरक्षित रहे और गैस सिलेंडर उन लोगों तक पहले पहुंचे जिन्हें इसकी वास्तव में जरूरत है। इन नए नियमों का सीधा असर देश के करोड़ों घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है।

LPG gas Cylinder

गांव और शहरों में बदला नियम

नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव बुकिंग के अंतराल (Booking Gap) को लेकर किया गया है। अब शहरी इलाकों में रहने वाले उपभोक्ता एक सिलेंडर मिलने के कम से कम 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर सकेंगे। वहीं, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के लिए यह समय सीमा बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कुछ जगहों पर डिस्ट्रीब्यूटर्स और ग्राहकों द्वारा गैस सिलेंडर जमा करने की प्रवृत्ति देखी गई है, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो रही थी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि वर्तमान में सिलेंडर बुक करने से लेकर घर तक पहुंचने का औसत समय अभी भी मात्र 2.5 दिन है, इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह नई व्यवस्था केवल उन लोगों को रोकने के लिए है जो जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करना चाहते हैं।

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