LPG सिलेंडर पर कितना लगता है टैक्स? अगर हट जाए तो 913 रुपए वाला सिलेंडर कितना सस्ता मिलेगा?

CTI ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एलपीजी और पीएनजी से टैक्‍स हटाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि टैक्‍स हटने से गैस के दाम कम हो जाएंगे और आम आदमी को राहत मिलेगी।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। इस संघर्ष की वजह से एलपीजी (LPG) की सप्लाई बाधित हुई है, जिसका सीधा असर भारत में रसोई गैस की कीमतों पर पड़ा है। हाल ही में सरकार ने घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ाए थे, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है। इसी बीच, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एलपीजी संकट (LPG Crisis) और पीएनजी (PNG) को पूरी तरह 'टैक्स-फ्री' करने की मांग की है। सीटीआई का तर्क है कि अगर सरकार इन पर से टैक्स हटा देती है, तो जनता को महंगाई के इस दौर में बड़ी राहत मिल सकेगी।

LPG gas Cylinder

LPG और PNG पर टैक्स का मौजूदा गणित

वर्तमान में, रसोई गैस और पाइप वाली गैस पर अलग-अलग टैक्स स्लैब लागू हैं। घरेलू इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडर को जीएसटी (GST) के दायरे में रखा गया है और इस पर फिलहाल 5% जीएसटी वसूला जाता है। दूसरी ओर, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर पर सरकार 18% भारी-भरकम जीएसटी लेती है। वहीं, अगर पाइप वाली गैस (PNG) की बात करें, तो यह अभी जीएसटी के दायरे से बाहर है। यही कारण है कि अलग-अलग राज्य सरकारें इस पर अपने हिसाब से वैट (VAT) लगाती हैं। मिसाल के तौर पर, दिल्ली में पीएनजी पर 5% वैट लागू है, जबकि कुछ अन्य राज्यों में यह दर 14.5% तक ऊंची है।

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