उत्तर प्रदेश सरकार और तेल कंपनियों ने रसोई गैस की सप्लाई को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के उन इलाकों में जहां पाइप के जरिए गैस (PNG) पहुंच चुकी है, अब वहां एलपीजी (LPG) सिलेंडर के इस्तेमाल को धीरे-धीरे खत्म करने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य है कि शहरों में गैस की किल्लत कम की जाए और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित और सस्ती पीएनजी सेवा से जोड़ा जाए। इस नई नीति के तहत, अब उन उपभोक्ताओं पर सख्ती बरती जाएगी जो पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद एलपीजी सिलेंडर अपने पास रखे हुए हैं।
किसे लौटाना होगा सिलेंडर?
नए नियमों के मुताबिक, जिन घरों में पीएनजी का कनेक्शन लग चुका है और गैस की सप्लाई शुरू हो गई है, उन्हें अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर वापस करना होगा। तेल कंपनियों ने इसके लिए 3 महीने का समय (अल्टीमेटम) दिया है। इस अवधि के भीतर उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। प्रशासन का मानना है कि एक ही घर में दो तरह के गैस कनेक्शन रखने से न केवल संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी यह जोखिम भरा हो सकता है।
सप्लाई बंद करने की तैयारी
अगर कोई उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद भी 3 महीने के भीतर अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर नहीं करता है, तो उसकी गैस सप्लाई पर संकट आ सकता है। कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि पीएनजी एक्टिव होने के बाद एलपीजी की रिफिलिंग (Refilling) बंद कर दी जाएगी। इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य एलपीजी सिलेंडरों के 'बैकलॉग' और 'क्राइसिस' को कम करना है ताकि उन ग्रामीण या दूर-दराज के इलाकों में सिलेंडर आसानी से पहुंचाए जा सकें जहां अभी तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है।
PNG के फायदे और बदलाव की जरूरत
सरकार पीएनजी को बढ़ावा इसलिए दे रही है क्योंकि यह एलपीजी के मुकाबले सस्ती और अधिक सुरक्षित मानी जाती है। इसमें सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग कराने का झंझट नहीं होता। पीएनजी की सप्लाई सीधे पाइप के जरिए 24 घंटे उपलब्ध रहती है और इसका बिल भी बिजली के बिल की तरह ही इस्तेमाल के आधार पर आता है। शहरों में बढ़ती आबादी और एलपीजी के बढ़ते वितरण खर्च को देखते हुए यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है। साथ ही, इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जिन्हें सिलेंडर की बुकिंग के बाद हफ़्तों इंतजार करना पड़ता है।
उपभोक्ता क्या करें?
यदि आपके घर में पीएनजी कनेक्शन लग चुका है, तो आपको अपने संबंधित गैस वितरक (Distributor) के पास जाकर एक फॉर्म भरना होगा और सिलेंडर वापस करना होगा। सिलेंडर लौटाने पर आपको अपनी सिक्योरिटी मनी (जो कनेक्शन लेते समय जमा की गई थी) वापस मिल जाएगी। कंपनियों ने वितरकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे ग्राहकों की पहचान करें जिन्होंने लंबे समय से पीएनजी इस्तेमाल करने के बावजूद अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किया है।
