LPG Cylinder Shortage in India: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के सांसद जॉन ब्रिटास (John Brittas) ने देश में एलपीजी सप्लाई चेन में आई परेशानी को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संकट से निपटने के लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि मौजूदा हालात का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और उनकी आजीविका पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि युद्ध अब देश के हर रसोईघर तक पहुंच गया है। ब्रिटास ने यह भी कहा कि सरकार ने पहले गैस के पर्याप्त स्टॉक होने का भरोसा दिया था, लेकिन अब देश में असली संकट की स्थिति पैदा हो गई है। उनके मुताबिक यह स्थिति सरकार की लापरवाही की वजह से बनी है और इसका असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है।
गैस सप्लाई संकट पर सरकार पर निशाना (तस्वीर-ANI/istock)
रेस्टोरेंट बंद होने लगे, आम लोगों पर असर
सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि गैस की कमी के कारण कई जगहों पर रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। कई रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ रहा है क्योंकि उन्हें पर्याप्त एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे न केवल कारोबारियों को नुकसान हो रहा है बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संकट का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है बल्कि होटल, ढाबे, कैटरिंग और अन्य कई क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है। इससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता
ब्रिटास ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और रोजगार को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में काम करते हैं और युद्ध की स्थिति से उनकी जिंदगी और रोजगार पर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इन भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही जरूरी कदम उठाए। साथ ही वहां काम कर रहे भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय प्रयास किए जाएं।
क्यों आया एलपीजी का संकट
दरअसल भारत इस समय एलपीजी सप्लाई में दिक्कतों का सामना कर रहा है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से आने वाली गैस की आपूर्ति युद्ध के कारण प्रभावित हो गई है। भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई Strait of Hormuz के रास्ते आती है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण इस रास्ते से गैस की आपूर्ति प्रभावित हो गई है, जिससे देश में एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है।
घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिश
सरकार ने संकट से निपटने के लिए घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार देश की रिफाइनरियां अब अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं। इससे घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि यह बढ़ोतरी देश की कुल दैनिक खपत का केवल करीब 10 प्रतिशत ही पूरा कर पा रही है। इसलिए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें।
गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़े
इस बीच केंद्र सरकार ने हाल ही में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये की बढ़ोतरी भी की है। इस बढ़ोतरी के बाद बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 913 रुपये हो गई है। कोलकाता में इसकी कीमत 939 रुपये, मुंबई में 912 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की दर अलग होने के कारण कीमतों में थोड़ा फर्क देखने को मिलता है।
नई बुकिंग नियम लागू
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर भी नया नियम लागू किया है। अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। सरकार का कहना है कि इस नियम का मकसद गैस की उपलब्धता को बेहतर तरीके से मैनेज करना और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सप्लाई सुनिश्चित करना है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की अनावश्यक बुकिंग न करें।
