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Lalithaa Jewellery IPO : पैसा बनेगा या डूबेगा? क्या कह रहे एक्सपर्ट और ब्रोकरेज?

Lalithaa Jewellery IPO के लिए सब्सक्रिप्शन करने जा रहे हैं, जानना चाहते हैं कि पैसा बनेगा या डूबेगा, तो पहले चेक कर लें कि एक्सपर्ट और ब्रोकरेज इस इश्यू पर दांव लगाने को लेकर क्या कह रहे हैं।

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सब्सक्रिप्शन की मजबूत डिमांड

Lalithaa Jewellery Mart IPO को लेकर निवेशकों में जोरदार उत्साह नजर आ रहा है। IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP 19 अगस्त 2026 को ₹40 पर पहुंच गया है। ₹201 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले इससे करीब ₹241 की अनुमानित लिस्टिंग बनती है। यानी ग्रे मार्केट के संकेतों के आधार पर करीब 20% के प्रीमियम की उम्मीद है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग इससे काफी अलग हो सकती है।

IPO के तीसरे दिन 19 अगस्त को दोपहर तक तक इश्यू कुल 8.81 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की हिस्सेदारी 26.22 गुना, रिटेल 5.76 गुना और क्यूआईबी हिस्सेदारी 1.16 गुना सब्सक्राइब हुई थी। इस मजबूत डिमांड ने लिस्टिंग को लेकर बाजार की उम्मीदें बढ़ाई हैं।

क्या है एक्सपर्ट की राय?

ट्रेडस्विफ्ट रिसर्च के एनालिस्ट संदीप जैन ने IPO को लेकर पॉजिटिव रुख दिखाया है। जैन ने इसका रिव्यू करते हुए कहा है कि निवेशक IPO को नॉमिनल लिस्टिंग गेन के लिए और मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से सोच सकते हैं। उनके मुताबिक कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका साउथ इंडिया में मजबूत नेटवर्क है। ललिता ज्वैलरी के 61 स्टोर 51 शहरों में हैं और इसका कुल ऑपरेशनल एरिया करीब 6.51 लाख वर्ग फुट बताया गया है। कंपनी के पास करीब 4.75 लाख कस्टमर्स का बड़ा कस्टमर बेस भी है, जिसे अलग-अलग सेविंग्स स्कीम से सपोर्ट मिलता है। इसके साथ ही

वैल्यूएशन को भी महंगे के मुकाबले आकर्षक बताया है। कल्याण ज्वैलर्स और सेनको गोल्ड जैसे पीयर्स की तुलना में कंपनी के वैल्यूएशन मल्टीपल्स लेटेस्ट किफायती नजर आते हैं।

SBI Securities की राय क्या है?

लिस्टिंग से पहले सबसे अहम संकेत ब्रोकरेज की रिसर्च रिपोर्ट से मिलता है। SBI Securities ने Lalithaa Jewellery Mart IPO पर न्यूट्रल रेटिंग दी है। यानी ब्रोकरेज को कंपनी में संभावनाएं दिखती हैं, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन पर बहुत आक्रामक दांव लगाने की सलाह नहीं दी गई है।

ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की सबसे बड़ी ताकत दक्षिण भारत में मजबूत पकड़ है। FY26 में इसके 61 स्टोर 51 शहरों में थे और 45 स्टोर Tier II और Tier III बाजारों में हैं। कंपनी का करीब 60% रेवेन्यू इन्हीं बाजारों से आता है। कंपनी IPO से मिले फंड से 10 नए स्टोर खोलने की योजना भी रखती है।

क्यों ग्रोथ पूरी कहानी नहीं?

Lalithaa Jewellery Mart ने FY24 से FY26 के बीच रेवेन्यू में करीब 22% CAGR, EBITDA में करीब 60% CAGR और PAT में करीब 68% CAGR दर्ज किया। FY26 में EBITDA मार्जिन 6.5% रहा, जो एक साल पहले के 4.1% से काफी बेहतर है। कंपनी का FY26 PAT ₹1,010 करोड़ और रेवेन्यू ₹25,024 करोड़ रहा। लेकिन SBI Securities ने एक अहम सावधानी भी बताई है। कंपनी के पास सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए कोई हेजिंग पॉलिसी नहीं है। ब्रोकरेज के मुताबिक हालिया मार्जिन सुधार में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का भी बड़ा योगदान रहा है। अगर सोने की कीमतें स्थिर होती हैं, तो मार्जिन सामान्य हो सकते हैं।

निवेशकों के लिए सबसे बड़े रिस्क

कंपनी के कारोबार में कुछ गंभीर जोखिम भी हैं। FY26 में कर्मचारियों और कारीगरों के बीच एट्रिएशन करीब 31% रहा। इसके अलावा कंपनी के टॉप-3 सप्लायर्स कुल मटीरियल कॉस्ट का करीब 58% हिस्सा देते हैं। इसका मतलब सप्लायर निर्भरता काफी ज्यादा है। सबसे बड़ी चिंता वर्किंग कैपिटल को लेकर है। नेट वर्किंग कैपिटल डेज FY24 के 92 दिनों से बढ़कर FY26 में 152 दिन हो गए हैं।

पैसा बनेगा या डूबेगा?

लिस्टिंग गेन के लिहाज से IPO आकर्षक नजर आ रहा है, क्योंकि ₹40 का GMP और 8.81 गुना सब्सक्रिप्शन मजबूत डिमांड का संकेत देते हैं। लेकिन, लॉन्ग टर्म निवेश के लिए तस्वीर थोड़ी सावधानी वाली है।

एक्सपर्ट व्यू: यह निवेश सलाह ट्रेडस्विफ्ट रिसर्च के एनालिस्ट संदीप जैन के विचारों और SBI Securities के IPO Note पर आधारित है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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