Strait of Hormuz खुला जरूर लेकिन शर्तों में उलझा खेल, समझें क्यों टेंशन बरकरार और आगे क्या होगा?

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए खोलने का एलान तो किया है, लेकिन 8.3 लाख करोड़ के फंड और अमेरिकी सैन्य पाबंदी जैसी कड़ी शर्तें जोड़ दी हैं। 'शर्तों के इस खेल' से टेंशन बरकरार है।

'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एलान किया है कि ईरान व्यापारिक जहाजों के लिए इस रास्ते को पूरी तरह खोलने के लिए तैयार है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कुछ ऐसी शर्तें जोड़ दी हैं जिन्होंने अमेरिका और विशेषकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को धर्मसंकट में डाल दिया है। ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। आइए आपको बताते हैं होर्मुज खुल तो गया लेकिन टेंशन क्यों बरकरार है?

Strait of Hormuz

होर्मुज जलडमरूमध्य इतना जरुरी क्यों है?

इसे समझने के लिए हमें इसके भौगोलिक महत्व को देखना होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का लगभग 20% से 30% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। अगर ईरान इस रास्ते को बंद कर देता है, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई रुक सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें रातों-रात दोगुनी हो सकती हैं। इसीलिए, जब ईरान कहता है कि "रास्ता हम तय करेंगे", तो इसका असर हर देश की जेब पर पड़ता है।

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