Zepto IPO: भारत के क्विक कॉमर्स मार्केट में फिलहाल बड़े-बड़े दिग्गजों के बीच दिलचस्प जंग चल रही है। इस मार्केट में Zepto के सामने टाटा ग्रुप की तरफ से बिग बास्केट, रिलायंस का जियो मार्ट, स्विगी का इंस्टामार्ट, फ्लिपकार्ट का मिनट्स, अमेजन नाउ और ब्लिंकिट जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
जेप्टो की जुलाई में लिस्टिंग संभव
फिलहाल, शेयर बाजार के लिहाज से Zepto लिस्टिंग की रेस में सबसे आगे है। कंपनी ने हाल में ही शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) को अपने 1 अरब डॉलर यानी करीब ₹9,500 करोड़ ($1 बिलियन) के IPO के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) पेश किए हैं।
इस साल अब तक IPO Market में सुस्ती देखने को मिली है। कई बड़े IPO साल की पहली छमाही में आने थे, लेकिन बाजार की स्थिति को देखते हुए, सेबी ने तमाम कंपनियों को IPO Timeline में ढील दी है। चर्चित इश्यूज में अभी फिलहाल Zepto सबसे आगे है।
पहली क्विक कॉमर्स कंपनी
जेप्टो भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली पहली स्टैंडअलोन (Standalone) क्विक कॉमर्स कंपनी बनने जा रही है । जेप्टो का आईपीओ कुल ₹9,500 करोड़ का होगा । इसमें ₹8,010 crore के नए शेयर्स (Fresh Issue) जारी किए जाएंगे और मौजूदा शेयरधारकों की तरफ से 11.3 करोड़ शेयर्स का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) लाया जाएगा । सेबी से हरी झंडी मिलने के बाद अब कंपनी जुलाई 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट होने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कहां होगा पैसे का इस्तेमाल?
फ्रेश इशू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने 'डार्क स्टोर्स' (Dark Stores) के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए करेगी। इसके अलावा तकनीकी ढांचे और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत बनाया जाएगा। मार्च 2026 तक कंपनी के पास 1,139 डार्क स्टोर्स का नेटवर्क है। वहीं, अक्टूबर 2025 में हुए फंडिंग राउंड के के हिसाब से जेप्टो का वैल्यूएशन $7 बिलियन (करीब ₹58,000 करोड़ से अधिक) था।
कैसा है कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन?
कंपनी की कमाई बढ़ी है और घाटा कम हुआ है। जनवरी-मार्च तिमाही (Q4) में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 75% बढ़कर ₹7,498 करोड़ पर पहुंच गया है । इसके अलावा इस दौरान कंपनी का शुद्ध घाटा पिछले साल की समान अवधि के ₹1,832 करोड़ से घटकर अब ₹1,539 करोड़ रह गया है।
डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
